सिविल सर्जन ने रामपुर पीएचसी का किया निरीक्षण
रामपुर. सीएस नंदेश्वर प्रसाद पदभार ग्रहण करने के बाद लगातार जिले के अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे हैं. इसी बीच सीएस ने सोमवार को रामपुर पीएचसी का निरीक्षण किया गया.
इस दौरान आउट डोर में 33 की जगह 17 प्रकार की दवाएं उपलब्ध पायी गयीं. इस पर सीएस ने दवाओं को उपलब्ध कराने के लिए लिखने को कहा. इसके बाद डॉक्टर व अन्य कर्मचारियों को बिना ड्रेस में देख कर नाराजगी जतायी और फटकार भी लगायी. उन्होंने ड्यूटी के समय हमेशा ड्रेस में रहने का निर्देश दिया.
निरीक्षण के दौरान कहा कि जानकारी मिली है कि एएनएम द्वारा यहां पर प्रसव कराने के लिए आनेवाली महिलाओं के परिजनों से मिठाई खाने के नाम पर जबरन दो से तीन सौ रुपये वसूला जा रहा है. प्रभारी डॉ प्रमोद कुमार को सख्त निर्देश दिया कि इसे हर हाल में रोक लगायें. अगर इस प्रकार की सूचना फिर मिली तो संबंधित एएनएम पर कार्रवाई की जायेगी.
लाभुकों के खाते में ही भेजे जायें योजना के रुपये पीएचसी में निरीक्षण के दौरान सीएस ने कहा कि जानकारी मिली है कि यहां पर प्रसव वाली 25 महिलाओं के खाते में जननी बाल सुरक्षा योजना की राशि नहीं डाली गयी है.
आशा के खाते में उनका राशि डाल दी गयी है. प्रधान लिपिक पीयूष कुमार ने बताया कि कागजात के अभाव में महिला लाभुकों के खाते में राशि नहीं भेजी गयी. इस पर सीएस ने कहा कि किसी भी हालत में लाभुकों के खाते में ही उक्त योजना की राशि जानी चाहिए. गौरतलब है कि महिला को जननी बाल सुरक्षा योजना के तहत 1400 रुपये व आशा को 600 रुपये दिया जाता है.
इसके साथ ही साढ़े 12 बजे तक ओपीडी में 183 पर्ची मरीजों का कटा था. लेकिन, डॉ गीता कुमारी द्वारा अकेले होने के कारण 82 मरीजों को पर्ची के अनुसार देखा गया था. मौके पर प्रभारी डॉ प्रमोद कुमार, प्रबंधक अजय कुमार सहित अधिकारी व कर्मी थे.
