देश की एकता के प्राण पुरुष हैं सरदार पटेल

भभुआ शहर : मंगलवार को शहर के सरदार बल्लभ भाई पटेल महाविद्यालय में लौह पुरुष सरदार वल्ल्भ भाई पटेल की 142वीं जयंती मनाने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसका उद्घाटन महाविद्यालय के संस्थापक सचिव भानु प्रताप सिंह ने फीता काट कर किया. इसके बाद संस्थापक सचिव, प्राचार्य सतीश नारायण लाल ने संयुक्त […]

भभुआ शहर : मंगलवार को शहर के सरदार बल्लभ भाई पटेल महाविद्यालय में लौह पुरुष सरदार वल्ल्भ भाई पटेल की 142वीं जयंती मनाने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
इसका उद्घाटन महाविद्यालय के संस्थापक सचिव भानु प्रताप सिंह ने फीता काट कर किया. इसके बाद संस्थापक सचिव, प्राचार्य सतीश नारायण लाल ने संयुक्त रूप से दीप जलाया. सरदार पटेल की जयंती को एकता दिवस के रूप में मनाते हुए महाविद्यालय के शिक्षकों व कर्मचारियों ने लौह पुरुष के तैलचित्र पर माल्यापर्ण व पुष्प अर्पित किये. इस दौरान प्राचार्य ने कहा कि इस वर्ष महाविद्यालय का 60वां स्थापना दिवस समारोह मनाया जा रहा है. सरदार पटेल की राष्ट्रभक्ति, चरित्र दृढ़ता, कर्मठता, संघर्षशीलता, त्याग वृद्धि, सेवा भावना व विषम परिस्थितियों में भी अनुपम धैर्य धारण से प्रभावित स्थानीय बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों व किसानों ने उनकी गौरवमयी जयंती तिथि के अवसर पर सन् 1957 में महापुरुष की स्मृति में इस महाविद्यालय की स्थापना की गयी थी. पटेल को एकता का प्रतीक माना जाता है.
इसके साथ ही प्राचार्य द्वारा सरदार पटेल के जीवन, संघर्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला. इस कार्यक्रम का उद्घाटन अरुण कमल द्वारा किया जाना था, लेकिन अचानक उनका तबीयत खराब हो जाने के कारण कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके. इसका संचालन गोपनाथ सिंह ने किया. मौके पर डॉ ब्रह्मदेव सिंह, प्रो जगजीत सिंह, प्रो महेश प्रसाद, डॉ सीमा पटेल व अन्य मौजूद थे.
इधर, मंगलवार को युवा जदयू कैमूर द्वारा सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती पर कचहरी रोड के निकट माल्यापर्ण समारोह आयोजित किया गया. इसकी अध्यक्षता प्रवक्ता दीपक पटेल ने की.
संचालन ओमप्रकाश पटेल ने किया. इस दौरान प्रवक्ता दीपक पटेल ने कहा कि अनेक रियासतों को एक राष्ट्र के नीचे लाने वाले सरदार पटेल को सही मायने में वह सम्मान नहीं मिल पाया है, जिसके वह हकदार थे. इसके साथ ही 31 अक्तूबर को राजकीय व राष्ट्रीय छुट्टी घोषित किये जाने की मांग की. मौके विवेकानंद पटेल, आशुतोष पटेल, जोगेंद्र सिंह, काशीनाथ सिंह पटेल, उपेंद्र तिवारी, चेतु राम सहित कई कार्यकर्ता शामिल थे.
कर्मनाशा : स्टेशन रोड दुर्गावती में मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि व सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मनायी गयी. कार्यक्रम का आयोजन जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष व प्रवक्ता कृपाशंकर पांडेय द्वारा किया गया था. कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया. इस अवसर पर कृपाशंकर पांडेय द्वारा क्षेत्र के गरीब व विधवा 20 महिलाओं के बीच साड़ी वितरित किया गया. इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि इंदिरा जी भारत की सफल प्रधानमंत्री थी.
वैसा साहसी प्रधानमंत्री आज तक कोई नहीं हुआ है. लोगों के बीच इंदिरा जी नहीं है, लेकिन उनका विचार लोगों के बीच जीवंत है. वक्ताओं ने उनके सिद्धांतों व विचारों को अपनाने पर बल दिया. सभा कार्यक्रम की अध्यक्षता दूधनाथ चौबे ने की. संचालन कृपा शंकर पांडेय ने किया. इस दौरान पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष राजेश्वर प्रसाद सिंह उर्फ रामजी सिंह, सुरेंद्र सिंह, बेचू यादव, रोपन राम, राजेश सिंह, राजकुमार राम, अभिमन्यु सिंह, वीरेंद्र राम, राजाराम यादव, लाल बहादुर शर्मा,धनजीरा आदि उपस्थित थे.
चैनपुर : स्थानीय दुर्गा मंदिर में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मनायी गयी. इस जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता हरिहर सिंह राजभर ने की. संचालन अनुपम पांडेय ने किया.
हरिहर सिंह ने सरदार पटेल को अखंड भारत का निर्माता बताते हुए समृद्ध भारत, एक भारत बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया. वक्ताओं ने पटेल जी की जीवन और कार्यों की सराहना करते हुए उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला और अनुकरणीय बताया. अनुपम पांडेय ने कहा कि आज हिंदुस्तान है तो वह पटेल जी की ही देन है. इस दौरान अन्य वक्ताओं में अनिल सिंह पटेल, लालजी पांडेय, संजय प्रधान सहित कई लोग मौजूद थे.
रामगढ़ : जीबी कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रथम यूनिट के छात्र-छात्राओं ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता संकल्प दिवस के रूप में मनाया. इस दौरान विद्यार्थियों व शिक्षकों ने उनके द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर किये गये कार्यों की चर्चा की. अपने संबोधन के दौरान यूनिट प्रभारी विनोद सिंह ने कहा कि सरदार पटेल आधुनिक भारत के निर्माता थे. वह स्वतंत्रता संग्राम में काफी ही अग्रणी भूमिका अदा की थी, जिसको कभी भुलाया नहीं जा सकता है.
उन्होंने अपने उच्च विचार से समाज को एक सूत्र में बांधने का प्रयास किया था, वे न्याय के पक्षधर थे. प्रोफेसर रामाकांत तिवारी ने कहा कि सरदार पटेल एकता के मिसाल थे, उनकी सोच अटल थी. उन्होंने सभी वर्गों के लोगों को उचित मान सम्मान को लेकर लंबी संघर्ष की थी. लोगों की समानता के अधिकार को लेकर हर एक वर्ग के लोगों को प्रेरित भी किया करते थे. मौके पर शिक्षक रामचंद्र सिंह, डॉ राधेश्याम सिंह, डॉ विजय शंकर सिंह, रूपेश कुमार पांडेय, सुरेंद्र सिंह, मिथिलेश कुमार पांडेय व अन्य मौजूद थे.

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