Kaimur News : कैमूर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के किशनपुरा गांव में चोरी के आरोपित को पुलिस वाहन से जबरन छुड़ाने और पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. घटना के बाद पुलिस ने 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया है. आरोपितों के खिलाफ पुलिस टीम पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस वाहन में तोड़फोड़ और हिरासत में लिये गये आरोपित को जबरन छुड़ाने समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है.
समरसेबल स्टार्टर चोरी की सूचना पर पहुंची थी पुलिस
पुलिस के अनुसार, 10 अगस्त की रात डरवन गांव के सरपंच दीनदयाल उपाध्याय ने डायल-112 पर सूचना दी थी कि उनके पंप हाउस से खलासी मुसहर और करीमन मुसहर ने मिलकर ट्यूबवेल का समरसेबल स्टार्टर चोरी कर लिया है.
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. पूछताछ के दौरान करीमन मुसहर ने चोरी की बात स्वीकार की. उसने पुलिस को बताया कि अपने भाई खलासी मुसहर के साथ मिलकर उसने समरसेबल स्टार्टर चोरी किया था और उसे किशनपुरा गांव निवासी जागरूक साह को बेच दिया था.
आरोपित को लेकर थाने जा रही थी पुलिस, तभी घेर लिया वाहन
करीमन मुसहर से मिली जानकारी के आधार पर डायल-112 की पुलिस टीम किशनपुरा गांव पहुंची. वहां से करीमन मुसहर को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए रामगढ़ थाना ले जाया जा रहा था.
इसी दौरान जागरूक साह के बेटे ब्रह्मानंद गुप्ता उर्फ छोटू पर लोगों को फोन कर कथित रूप से भड़काने का आरोप है. इसके बाद किशनपुरा मुसहर टोला के समीप करीब 40 से 50 लोगों की भीड़ ने पुलिस वाहन को घेर लिया.
पुलिस वाहन का शीशा तोड़ा, आरोपित को छुड़ाया
पुलिस के अनुसार, भीड़ ने पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की. इस दौरान पुलिस वाहन के पीछे का शीशा तोड़ दिया गया और हिरासत में लिये गये करीमन मुसहर को जबरन छुड़ा लिया गया.
पुलिस का आरोप है कि भीड़ में शामिल लोगों ने हवलदार जय प्रकाश मंडल से हथियार छीनने का भी प्रयास किया. अचानक हुए हमले के कारण मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गयी.
महिला सिपाही और सरपंच भी हुए घायल
पुलिस टीम और भीड़ के बीच हुई झड़प में महिला सिपाही पूजा कुमारी और सरपंच दीनदयाल उपाध्याय के घायल होने की भी जानकारी सामने आयी है. घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपितों की पहचान शुरू की.
CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने की गिरफ्तारी
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज से मिले साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपितों में खलासी मुसहर, विजय प्रताप मुसहर, शिवलाल मुसहर, पूर्वणवासी मुसहर, रामबाबू मुसहर, बाली मुसहर, जोगिंद्र मुसहर उर्फ ढोढ़ा मुसहर, धरमावती देवी, भगवान मुसहर और ब्रह्मानंद गुप्ता उर्फ छोटू समेत अन्य आरोपित शामिल हैं.
पुलिस के अनुसार, मामले में कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच
पुलिस ने बताया कि मामले में जागरूक साह और शिवसागर थाना क्षेत्र के पखनारी गांव निवासी तेतरी देवी समेत अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पुलिस टीम पर हमला कर हिरासत में लिये गये आरोपित को छुड़ाने की घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस टीम पर हमला करने और हिरासत में लिये गये आरोपित को जबरन छुड़ाने वालों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
