बिहार के सभी जिलों में रोजगार के लिए लगेंगे विशेष कैंप, आएंगी नामी-गिरामी कंपनियां

बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग ने दिव्यांगों के लिए नियोजन सहायता योजना लॉन्च की है. मौजूदा वित्तीय वर्ष 2023-24 में इसके तहत विशेष कैंप लगाने का निर्णय लिया गया है. इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश दे दिया गया है साथ ही कैंप के लिए आवश्यक राशि भी दे दी गई है.

बिहार के नि:शक्तजनों (दिव्यांग) के लिए हर जिले में नियोजन मेले का आयोजन किया जायेगा. हर जिले में एक दिवसीय मेला आयोजित करने के लिए श्रम संसाधन विभाग ने तैयारी कर ली है. विभाग के निदेशक नियोजन एवं प्रशिक्षण श्याम बिहारी मीणा की ओर से इस बाबत आवश्यक निर्देश दिया गया है. सामान्य लोगों के लिए जिला व प्रमंडल स्तर पर रोजगार मेला का आयोजन होता रहा है. वैसे तो इस मेले में दिव्यांगों को भी शामिल होने की छूट है, लेकिन दिव्यांगों के लिए अलग से नियोजन मेला का आयोजन करने के पीछे मकसद यह है कि उन्हें अधिक -से -अधिक मुख्यधारा में लाया जा सके.

नियोजन सहायता योजना लॉन्च

विभाग ने कहा है कि नि:शक्त जनों को भी समान अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की अहम जिम्मेदारी है. इसके लिए विशेष योजना नि:शक्त जनों के लिए नियोजन सहायता योजना लॉन्च की गयी है. मौजूदा वित्तीय वर्ष 2023-24 में इसके तहत विशेष कैंप लगाने का निर्णय लिया गया है. नियोजन मेले के लिए जिलों को पहले ही राशि दी जा चुकी है, लेकिन नि:शक्त जनों के लिए नियोजन मेला आयोजित करने के लिए अलग से एक लाख 60 हजार का अतिरिक्त आवंटन किया गया है.

सेमिनार का भी होगा आयोजन

नियोजन मेले के दौरान सेमिनार का भी आयोजन किया जायेगा, जिससे नि:शक्तजनों को लाभ हो. मेला लगाने के पहले इसका प्रचार-प्रसार भी किया जायेगा. सभी जिले को एक-एक दिन का मेला आयोजित करने को कहा गया है. सामान्य मेले की तरह ही नि:शक्तजनों के मेले में भी नामी-गिरामी कंपनियों को आमंत्रित किया जायेगा. नि:शक्तजनों की योग्यता के अनुसार उनका चयन सुनिश्चित किया जायेगा.

दिव्यांगों को नौकरी से नहीं निकाला जाये इसके लिए होगी निगरानी

रोजगार मिलने के बाद दिव्यांगों को नौकरी से नहीं निकाला जाये, इसकी निगरानी भी की जायेगी. रोजगार मिलने के बाद ऐसे नियोजकों पर कड़ी नजर रखी जायेगी. निगरानी के पीछे विभाग की मंशा है कि ऐसा न हो कि नौकरी देने के चंद दिनों के बाद ही दिव्यांगों को बाहर निकाल दिया जाये.

Also Read: Video : सड़क पर इंतजार कर रहा था दिव्यांग, बागेश्वर बाबा ने देखते ही रुकवा दिया काफिला, जानिए फिर क्या हुआ

पटना जिले में दिव्यांग बच्चों के लिये खुलेंगे छह नये रिसोर्स सेंटर

इसके साथ ही दिव्यांग बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने व उन्हें स्कूल तक पहुंचाने के लिए पटना जिले में छह नये रिसोर्स सेंटर खोले जायेंगे. जिले के अलग अलग छह प्रखंडों के चयनित स्कूलों में दिव्यांग बच्चों के लिए रिसोर्स सेंटर स्थापित किया जायेगा. रिसोर्स सेंटर की मदद से दिव्यांग बच्चों को इलाज के साथ पढ़ाई का भी अवसर मिलेगा. जिले में फिलहाल छह रिसोर्स सेंटर का संचालन किया जा रहा है. इनमें पटना सदर, बिहटा, दुल्हिन बाजार, मसौढ़ी, संपतचक और बाढ़ में रिसोर्स सेंटर चलाया जा रहा है.

इन स्कूलों में होगी रिसोर्स सेंटर की शुरुआत

अब जिले के फुलवारी शरीफ प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय, अथमलगोला के फौजदार सिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय, फतुहा के उच्च माध्यमिक विद्यालय, उच्च माध्यमिक विद्यालय शियरमुक्का, बख्तियारपुर के मध्य विद्यालय और दानापुर के मैडन आदर्श मध्य विद्यालय में नये रिसोर्स सेंटर की शुरुआत की जायेगी. इन छह स्कूलों में अगले माह तक रिसोर्स सेंटर की शुरुआत कर दी जायेगी.

Also Read: बिहार में नए औद्योगिक क्षेत्र का हो रहा निर्माण, लोगों को जल्द मिलने लगेगा रोजगार

दिव्यांग बच्चों को मिलेगा बेहतर ट्रीटमेंट

रिसोर्स सेंटर में दिव्यांग बच्चों को फिजियोथेरेपी, कपिंग थेरेपी और थेराप्यूटिक मैनेजमेंट की मदद से बच्चों का इलाज किया जायेगा. इसके साथ ही नेत्रहीन बच्चोंं को चश्मा, सुनने में असमर्थ बच्चों की जांच के साथ ही उन्हें यंत्र भी मुहैया कराये जायेंगे. रिसोर्स सेंटर में दिव्यांग बच्चों की सहायता के लिए स्पेशल एजुकेटर भी रखे जायेंगे. जिला शिक्षा पदाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि जल्द ही छह रिसोर्स सेंटर का संचालन शुरू कर दिया जायेगा. इन सेंटर पर दिव्यांग बच्चों की जरूरत के अनुसार सारी सुविधा उपलब्ध करायी जाती है.

Also Read: बिहार में एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार देगी ब्रिटानिया, नवंबर से पटना में शुरू होगी बिस्किट फैक्ट्री

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >