जहानाबाद. जिले में बुधवार को हुई इस मौसम की पहली बारिश से पूरा शहर पानी-पानी हो गया है. शहर के कई हिस्से में जलजमाव के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. एनएच 110 सहित कई प्रमुख सड़कों पर अभी भी जलजमाव बना हुआ है जिससे वाहनों के साथ-साथ आम लोगों को पैदल आने-जाने में भी परेशानी हो रही है. आज की बारिश में सदर अस्पताल परिसर में बारिश का पानी जमा गया जिसके कारण सब अस्पताल में आने जाने वाले रोगियों उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. अरवल-जहानाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग 33 पर शहर के राजाबाजार में नए रेल अंडरपास में भारी जलजमाव के कारण 2 घंटे तक वाहनों का आवागमन रुका रहा. बुधवार को हुई बारिश के कारण शहर में सबसे बुरी स्थिति राजा बाजार रेल अंडरपास की हुई. वहां पर बने नए अंडरपास में करीब तीन फुट पानी जमा हो गया. इसके बाद करीब दो घंटे तक इस अंडरपास से वाहनों का परिचालन ठप रहा. नगर परिषद के द्वारा सक्शन मशीन लाकर अंडरपास के जमा पानी को बाहर निकाला जा रहा था. बारिश के दौरान पुराने अंडरपास के नीचे भी करीब डेढ़ फुट पानी जमा हो गया था. केवल पुराने अंडरपास से दोनों ओर के वाहनों के परिचालन से जाम की स्थिति बनी रही. दोनों अंडरपास के बगल में बनाये गये नाले के ऊपर स्लैब से लोग आना-जाना कर रहे थे. पूरे शहर में एनएच 22 पर जगह-जगह जलजमाव
बारिश के कारण पूरे शहर में पटना गया राष्ट्रीय राजमार्ग 22 पर जगह-जगह जलजमाव हो गया. पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक, बत्तीस भंवड़िया, आंबेडकर चौक, प्राचीन देवी मंदिर और फिदा हुसैन मोड़ के समीप बारिश के कारण जलजमाव हो गया था. एनएच 22 के सड़क के किनारे पहले से ही नाला बना है, बावजूद इसके बारिश का पानी नाले में नहीं जा रहा है और वह सड़क पर ही जमा हो जाता है जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है. होरिलगंज के कई दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया. सब्जी मंडी की सड़क पर फैला नाली का पानी और कीचड़ बारिश के कारण शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी जलजमाव तो हुआ ही, शहर की सब्जी मंडी में पीली कोठी से सब्जी मंडी की ओर जाने वाली सड़क नाली के पानी और कीचड़ से पट गयी. बारिश के कारण नाली का सारा पानी और कीचड़ सड़क पर फैल गया. कुछ घंटे बाद सड़क पर जमा पानी तो निकल गया, किंतु नाली का कीचड़ पूरे सड़क पर यूं ही पसरा हुआ था. सब्जी मंडी जाने वाले लोगों को नाली से निकले इस कीचड़ पर चढ़कर जाना पड़ रहा था. इधर शहर के बाजार में शिवाजी पथ सहित अन्य पथ पर भी बारिश का पानी जमा हो गया जिसे निकालने में घंटों लग गये. राजाबाजार फल मंडी में भर गया पानीबारिश के कारण राजाबाजार फल मंडी में पानी भर गया जिसके कारण वहां फल का व्यवसाय करने वाले कारोबारी को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. फल के गोदाम में भी पानी घुस गया जिसके कारण फलों के कॉटन गीले हो गये. बारिश के कारण व्यवसाययों को अपना कारोबार रोककर फल को बर्बाद होने से बचने की जुगत में लगना पड़ा.
शहर के कई अन्य इलाकों में भी हुआ जलजमाव
राजाबाजार मुख्य मार्ग के अलावा उत्तरी और दक्षिणी दौलतपुर सड़क पर भी जलजमाव से लोग दिन भर परेशान रहे. उत्तरी दौलतपुर मार्ग पर नाले का निर्माण नहीं होने से बारिश का पानी सड़क पर बहने लगता है. पुरानी नालियां वर्षों पहले सड़क के काफी नीचे चली गयी है. इधर दक्षिणी दौलतपुर मार्ग पर नाले का निर्माण तो कराया गया है, किंतु नाला सड़क से काफी ऊंचा है जिसके कारण बारिश होने पर पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है. सड़क का पानी नाले में नहीं जा पाता. उधर बत्तीस भंवड़िया पुल के नीचे भी जलजमाव से लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है. गांधी मैदान, हवाई अड्डा रोड, पुराना ब्लॉक और सिविल सर्जन कार्यालय, बाल्टी फैक्ट्री रोड पर भी बारिश का पानी जमा हो गया जिससे लोगों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.कई मुहल्लों की स्थिति हुई नारकीय
बारिश के बाद शहर के कई मुहल्लों की स्थिति नारकीय हो गयी है. कहीं नाली का पानी गलियों में बह रहा है और उस पानी पर नाली की गंदगी तैर रही है. लोगों ने उससे बचने के लिए कहीं ईंट लगा रखी है, तो कहीं उन लोगों को उसी से होकर गुजारना पड़ रहा है. कहीं-कहीं तो पूरी सड़क और गली कीचड़ से ही पटी हुई है. शहर के उत्तरी और दक्षिणी दौलतपुर के अलावा शिक्षक कॉलोनी, शांति नगर, सरगणेश दत्त नगर, पूर्वी ऊंटा, माधव नगर, मौर्या नगर, शहीद भगत सिंह नगर, काली नगर, बक्खो टोली, कुतवनचक और केला मंडी सहित अन्य कई मुहल्ले से ही हैं, जहां जलजमाव कीचड़ से मुहल्लेवासी परेशान हैं. उन्हें आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. लोग बताते हैं कि ड्रेनेज सिस्टम सही नहीं होने, नालों की उड़ाही और नियमित रूप से नालियों की सफाई नहीं होने के कारण यह हाल है.बारिश ने खोली नगर परिषद की पोल
इस मौसम की पहली बारिश के बाद ही नगर परिषद के सफाई व्यवस्था की पोल खुल गयी. जहानाबाद शहर की सफाई पर प्रति माह 60 लाख के खर्च के बावजूद नाले और नाली की उड़ाही नहीं करायी गयी. सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है जिसके कारण अभी भी शहर के नाले जाम हैं जिससे बारिश होने पर पानी का बहाव नहीं हो पा रहा है और जगह-जगह जलजमाव की समस्या से लोग परेशान हो रहे हैं. हर साल बारिश के पहले नालों की उड़ाही का दावा किया जाता है, किंतु उड़ाही के नाम पर बीच-बीच से केवल ऊपरी कचरे और गंदगी को निकाला जाता है जिसके कारण नाला जाम का जाम पड़ा रहता है और बारिश होने पर उसे पानी ओवरफ्लो करने लगता है जिसका खामियाजा बारिश होने के बाद शहर के लोग भुगत रहे हैं. अभी तो इस मौसम की पहली बारिश शुरू ही हुई है. आगे जैसे-जैसे बरसात में मूसलाधार बारिश होगी वैसे-वैसे शहर की स्थिति और भी नारकीय होती जायेगी.
प्रभात खबर की न्यूज पर मचा था बावेला
प्रभात खबर ने पिछले दिनों नगर परिषद के द्वारा प्रति माह सफाई के नाम पर एजेंसी को 60 लाख रुपये देने के बावजूद नगर की सफाई की स्थिति पर खबर प्रकाशित की थी. खबर में बारिश के बाद शहर की स्थिति बदतर होने की आशंका जतायी गयी थी. इसके बाद काफी बावेला मचा था. वार्ड पार्षदों ने इसके बाद इतनी राशि खर्च होने के बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर डीएम कार्यालय के समक्ष धरना भी दिया था. भीषण गर्मी में भी शहर के कई प्रमुख सड़कों की नालियां जाम रहने के कारण नाली का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रहा था. शहर की अधिकांश नाले लिए और नालियाें में कचरा भर रहने के कारण वह जाम है, उनकी उड़ाही नहीं करायी गयी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
