अरवल. आये दिन शहर में अवैध तरीके से संचालित अस्पताल के डॉक्टर की लापरवाही से गरीब मरीजों की जान जा रही है. इसी कड़ी में बीते बुधवार को 30 वर्षीय खुशबू कुमारी की मौत नारायणी अस्पताल में डिलीवरी के बाद हो गयी. घटना के बाद मृतक के परिजनों के द्वारा अस्पताल के समक्ष एनएच 139 पर मृतक के शव रखकर सड़क को जाम कर दिया गया. परिजनों द्वारा सड़क जाम करने के बाद मांग किया जा रहा था कि मृतक के संतान को परवरिश के लिए 10 लाख मुआवजा दिया जाये. घटना की सूचना मिलने पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कृति कमल घटनास्थल पर पहुंचे और मृतक के परिजनों को समझा बूझाकर सड़क को जाम से मुक्त कराया. घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार पटना जिला अंतर्गत इमामगंज के समीप बैदौली गांव के रहने वाली खुश्बू कुमारी गर्भवती अवस्था में थी और डिलीवरी करने को लेकर नारायणी हॉस्पिटल में भर्ती हुई थी. बताया जा रहा है कि डिलीवरी के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी जिसके कारण अस्पताल के चिकित्सकों और प्रबंधकों के द्वारा आनन, फानन में मरीज को पटना रेफर कर दिया गया और रास्ते में ही उसकी मौत हो गयी, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सक और प्रबंधन पर इलाज के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा खड़ा कर दिया. इस संबंध में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि मृतक के परिजनों के द्वारा चिकित्सा को और अस्पताल के प्रबंध पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है, जिसकी लिखित रूप से शिकायत करने मांग की गयी है. आवेदन प्राप्त होने के बाद मामले की जांच की जायेगी और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई किया जायेगा.
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