jehanabad News : कलेर निरंजनपुर गांव में सोमवार शाम छत पर गए एक शिक्षक 11 हजार वोल्ट की विद्युत तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए. घायल शिक्षक की पहचान निरंजनपुर गांव निवासी पप्पू कुमार के रूप में हुई है. करंट लगने के बाद वह छत से नीचे गिर पड़े. परिजनों और ग्रामीणों की मदद से उन्हें तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है.
छत पर काम के दौरान हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार पप्पू कुमार सोमवार शाम किसी काम से अपने मकान की छत पर गए थे. इसी दौरान छत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की विद्युत तार की चपेट में आ गए. तार के संपर्क में आते ही उन्हें जोरदार बिजली का झटका लगा और वह गंभीर रूप से झुलसकर छत से नीचे गिर पड़े. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
शरीर के कई हिस्से झुलसे
पप्पू कुमार को करंट की चपेट में आया देख आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें बचाने का प्रयास किया. इसके बाद परिजन और ग्रामीण उन्हें लेकर सदर अस्पताल पहुंचे. चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है. ग्रामीणों के अनुसार करंट लगने से उनके शरीर के कई हिस्से बुरी तरह झुलस गए हैं.
छत के बेहद करीब से गुजर रही हाई वोल्टेज तार
ग्रामीणों ने बताया कि पप्पू कुमार के मकान की छत के ठीक ऊपर से 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन गुजर रही है. तार काफी नीचे है और मकान की छत के बेहद करीब से होकर गुजरता है. इससे छत पर आने-जाने वाले लोगों के लिए हमेशा खतरा बना रहता है.
शिकायत के बावजूद नहीं हटाई गई तार
ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत तार को मकान से हटाने अथवा सुरक्षित दूरी पर स्थानांतरित करने के लिए कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से शिकायत की गई है. इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया. ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते तार को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था.
बिजली विभाग के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद निरंजनपुर गांव में बिजली विभाग के प्रति लोगों में आक्रोश है. ग्रामीणों का कहना है कि मकानों के ऊपर से खतरनाक तरीके से गुजर रही हाई वोल्टेज तार कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है. लोगों ने विभाग से तत्काल विद्युत लाइन की जांच कराने और तार को मकान से सुरक्षित दूरी पर स्थानांतरित करने की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा कि शिक्षक के साथ हुई घटना ने एक बार फिर विद्युत व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
