jehanabad News : जहानाबाद में स्वामी सहजानंद महाविद्यालय के इंटर्नशिप प्रकोष्ठ की ओर से गुरुवार को राजकुमारी सभागार में सत्र 2023-27 एवं 2024-28 के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के महत्व, उसके व्यावहारिक पक्ष तथा कौशल आधारित शिक्षा की आवश्यकता से अवगत कराना था. इसमें विज्ञान, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया.
इंटर्नशिप कक्षा और कार्यस्थल के बीच मजबूत सेतु
कार्यक्रम का संचालन इंटर्नशिप नोडल पदाधिकारी एवं वरिष्ठ सहायक प्राध्यापिका डॉ. स्नेहा स्वरूप ने किया. उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है. सफलता के लिए व्यावहारिक अनुभव, कौशल विकास और कार्य संस्कृति की समझ भी जरूरी है. इंटर्नशिप विद्यार्थियों को कक्षा और कार्यस्थल के बीच एक मजबूत सेतु प्रदान करती है, जिससे वे अपने विषयगत ज्ञान को व्यवहार में लागू करना सीखते हैं.
इंटर्नशिप को औपचारिकता नहीं, अवसर समझें
डॉ. स्नेहा स्वरूप ने विद्यार्थियों से इंटर्नशिप को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल और रोजगार की संभावनाओं को मजबूत करने का अवसर मानने की अपील की. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत इंटर्नशिप उच्च शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है. महाविद्यालय का इंटर्नशिप प्रकोष्ठ समय-समय पर विद्यार्थियों को विभिन्न संस्थानों एवं उद्योगों से जोड़ने का कार्य कर रहा है.
समग्र विकास के लिए महाविद्यालय प्रतिबद्ध
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) दीपक कुमार ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक दक्षता से भी समृद्ध करना है. इंटर्नशिप के माध्यम से आत्मनिर्भरता, नवाचार की भावना और व्यावसायिक उत्तरदायित्व का विकास होता है, जिससे विद्यार्थियों का भविष्य अधिक उज्ज्वल बनता है.
विद्यार्थियों की शंकाओं का हुआ समाधान
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को इंटर्नशिप की प्रक्रिया, उपलब्ध अवसरों, आवश्यक दस्तावेजों तथा भविष्य की संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई. विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया. कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय के शिक्षकों, कर्मियों एवं इंटर्नशिप प्रकोष्ठ के सदस्यों का उल्लेखनीय सहयोग रहा. अंत में विद्यार्थियों ने व्यावहारिक अनुभव अर्जित करने और कौशल विकास के प्रति निरंतर सक्रिय रहने का संकल्प लिया.
