Arwal News : अरवल समाहरणालय सभागार में गुरुवार को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर नगर परिषद के वार्ड पार्षदों, अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गयी. कार्यशाला का उद्घाटन उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार, नगर परिषद अध्यक्ष साधना कुमारी तथा कार्यपालक पदाधिकारी मोनू कुमार ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर परिषद अध्यक्ष साधना कुमारी ने की.
प्रशिक्षण कार्यक्रम में वार्ड पार्षदों व कर्मियों ने हिस्सा लिया
प्रशिक्षण कार्यशाला में नगर परिषद के सभी वार्ड पार्षदों और कर्मियों ने भाग लिया. प्रशिक्षक अनिल कुमार ने बताया कि बढ़ती आबादी और तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन गया है. ऐसे में कचरे का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रबंधन समय की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार नगर परिषद क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति तैयार की गयी है. इसमें घर-घर से कचरे का पृथक्करण सबसे महत्वपूर्ण कदम होगा.
सभी वार्डों में चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
प्रशिक्षण में बताया गया कि यदि प्रत्येक परिवार अपने घरों में ही कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करेगा, तो उसके संग्रहण, परिवहन और निस्तारण की प्रक्रिया अधिक आसान, प्रभावी और वैज्ञानिक होगी. इसके लिए नगर परिषद के सभी वार्डों में व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा.
चार रंगों के डस्टबिन होंगे वितरित
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत नगर परिषद क्षेत्र में चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन उपलब्ध कराए जाएंगे. हरा डस्टबिन: गीले एवं जैविक कचरे के लिए. नीला डस्टबिन : सूखे कचरे के लिए. पीला डस्टबिन : पुनर्चक्रण योग्य सामग्री के लिए. लाल डस्टबिन : विशेष एवं खतरनाक श्रेणी के कचरे के लिए. प्रशिक्षकों ने बताया कि इस व्यवस्था से विभिन्न प्रकार के कचरे का पृथक संग्रहण संभव होगा.
