Jehanabad News: जिला मुख्यालय में पंडुई पंचायत के सैकड़ों ग्रामीणों ने अपनी 10 सूत्री मांगों और बुनियादी समस्याओं को लेकर शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया. स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहले गांधी मैदान में एकत्र हुए, फिर वहां से आक्रोश रैली निकालते हुए समाहरणालय पहुंचे. समाहरणालय के मुख्य द्वार पर ग्रामीणों ने प्रशासनिक अनदेखी और लचर व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
सड़क अतिक्रमण पर कार्रवाई न होने से आक्रोश
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पंडुई पंचायत के मुखिया हेमंत कुमार यादव ने कहा कि पंचायत के कई गांवों में बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह ध्वस्त हैं. उन्होंने बेलदारी बिगहा गांव के वार्ड संख्या 8 में मुख्य सड़क पर हुए अवैध अतिक्रमण का मामला उठाया. मुखिया ने आरोप लगाया कि करीब दो वर्षों से रास्ता बाधित है और अंचलाधिकारी (सीओ) द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद भी अब तक अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
क्षतिग्रस्त सुलिश गेट से 12 गांवों की सिंचाई ठप
प्रदर्शनकारियों ने इलाके में सिंचाई संकट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. ग्रामीणों ने बताया कि करीब तीन वर्ष पूर्व लघु सिंचाई विभाग ने पईन की उड़ाही कराई थी, जिसके बाद किसानों ने चंदा जुटाकर सुलिश गेट तैयार किया था. हालांकि सड़क निर्माण के दौरान उस गेट को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे 12 से अधिक गांवों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है और फसलें सूखने की कगार पर हैं.
नल-जल योजना बदहाल सोलर लाइट में फर्जीवाड़ा
पंचायत में पेयजल संकट को लेकर भी ग्रामीणों का गुस्सा फूटा. लोगों का आरोप है कि पीएचईडी की नल-जल योजना के ज्यादातर प्वाइंट और सरकारी चापाकल लंबे समय से खराब पड़े हैं. इसके साथ ही मुखिया ने पंचायत में लगाई गई सोलर लाइटों की गुणवत्ता और लागत में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सरकारी एजेंसी द्वारा कराए गए कार्यों की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की.
मांगें नहीं मानने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल घोसी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सत्येंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि बुनियादी अधिकारों के लिए ग्रामीणों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन 10 सूत्री मांगों का समाधान नहीं किया, तो ग्रामीण समाहरणालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना और उग्र आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे.
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