Arwal News : अरवल जिला पदाधिकारी के मार्गदर्शन में जिले में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत नवजात कन्या शिशुओं की माताओं को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, लिंग समानता को बढ़ावा देना तथा बेटियों के संरक्षण, शिक्षा और सशक्तिकरण के प्रति लोगों को जागरूक करना था.
नवजात बेटियों की माताओं को किया गया सम्मानित
सदर परियोजना, अरवल के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में नवजात कन्या शिशुओं की माताओं को सम्मान स्वरूप उपहार एवं शुभकामनाएं दी गईं. इस दौरान बेटी के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने और समाज में बेटियों के सम्मान का संदेश दिया गया.
बालिकाओं को समान अवसर देने पर जोर
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और उनके परिजनों को बताया गया कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का उद्देश्य केवल बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक बेटी को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और समान अवसर उपलब्ध कराना भी है. अधिकारियों ने कहा कि समाज में लैंगिक भेदभाव समाप्त कर बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है.
पोषण, टीकाकरण और स्तनपान की दी जानकारी
माताओं को नवजात शिशुओं के पोषण, नियमित टीकाकरण, स्तनपान, स्वच्छता तथा बालिकाओं की शिक्षा और सर्वांगीण विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं. साथ ही अभिभावकों से बेटियों को समान अवसर प्रदान करने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई.
बेटियों के सम्मान का लिया संकल्प
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया. जिला प्रशासन ने कहा कि बेटियां परिवार, समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं तथा उनके सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा को सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे.
