Jehanabad magahi chaupal: मगही भाषा को संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल कराने की मांग को लेकर चलाए जा रहे जनजागरण अभियान के तहत उचिटा पंचायत के हसनपुरा गांव स्थित देवी माता मंदिर प्रांगण में रविवार देर शाम मगही चौपाल का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में भाषा, संस्कृति और पहचान के संरक्षण पर विस्तार से चर्चा हुई.
सरस्वती वंदना से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत कलाकारों ने सरस्वती वंदना से की. इसके बाद वक्ताओं ने मगध और मगही भाषा के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला. कलाकारों ने मगही लोकगीतों की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
मगही को संवैधानिक मान्यता देने की मांग
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मगही भाषा हमारी पहचान, संस्कृति और सम्मान का प्रतीक है. इसे संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल कराने के लिए सभी लोगों को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा कि गांवों की महिलाएं आज भी विवाह और अन्य पारंपरिक अवसरों पर मगही गीत गाकर इस भाषा को जीवित रखे हुए हैं.
जनगणना में मातृभाषा के रूप में मगही दर्ज कराने की अपील
कार्यक्रम में लोगों से आगामी जनगणना में अपनी मातृभाषा के रूप में मगही दर्ज कराने की अपील की गई. वक्ताओं ने कहा कि मगही एक प्राचीन और समृद्ध भाषा है तथा इसे संवैधानिक मान्यता मिलने तक जनजागरण अभियान लगातार जारी रहेगा.
ग्रामीणों ने दिया समर्थन
मगही चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और मगही भाषा के संरक्षण तथा उसे संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल कराने की मांग का समर्थन किया.
