Jehanabad News : (सुनील शर्मा) जिले के घोसी प्रखंड मुख्यालय परिसर में हुई हल्की बारिश ने स्थानीय विकास कार्यों और प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है. प्रखंड कार्यालय स्थित आरटीपीएस (RTPS) काउंटर और नवगठित नगर पंचायत कार्यालय के ठीक सामने भीषण जलजमाव और कीचड़ हो जाने के कारण यहां आने वाले आम लोगों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है. हालात इतने बदतर हो गए हैं कि महज कुछ घंटों की बारिश के बाद ही दोनों महत्वपूर्ण कार्यालयों के आसपास का इलाका तालाब में तब्दील हो गया.
RTPS काउंटर के सामने गंदा पानी, घंटों खड़े रहे बुजुर्ग और दिव्यांग
ब्लॉक मुख्यालय के आरटीपीएस काउंटर पर हर दिन की तरह शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में ग्रामीण आय, आवासीय, और जाति प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे थे. काउंटर के ठीक सामने घुटनों तक गंदा पानी जमा होने के कारण लोगों को उसी कीचड़ और पानी में खड़े होकर घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा.
महिलाओं और दिव्यांगों की बढ़ी परेशानी
इस अव्यवस्था के कारण सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों को उठानी पड़ी. ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि जरूरी सरकारी कागजात बनवाने के लिए उन्हें मजबूरी में इस बदबूदार पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है.
लाखों के खर्च के बाद भी व्यवस्था फेल, दी आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय जनता ने इस घोर अव्यवस्था के लिए नगर पंचायत और प्रखंड प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है. ग्रामीणों का कहना है कि हर साल विकास और जलनिकासी के नाम पर लाखों रुपये का बजट पास होता है, लेकिन जमीनी हकीकत जस की तस है.
लोगों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और कार्यपालक पदाधिकारी से अविलंब इस जलजमाव से मुक्ति दिलाने और नाले की सफाई कराने की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी है कि यदि मानसून (बरसात के मौसम) से पहले इस स्थाई समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो जाएंगे और लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.
नगर पंचायत कार्यालय के सामने फिसले लोग, कपड़े हुए खराब
दूसरी ओर, नगर पंचायत कार्यालय के ठीक सामने की सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो चुकी है. गौरतलब है कि शुक्रवार को ही यहां सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव भी चल रहा था. चुनाव में हिस्सा लेने आए मतदाताओं (वार्ड पार्षदों) और उनके समर्थकों को कार्यालय तक पहुंचने में लोहे के चने चबाने पड़े. कीचड़ के कारण कई लोग फिसलकर गिरते-गिरते बचे, तो कई लोगों के कपड़े पूरी तरह खराब हो गए.
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