समाहरणालय सभागार में जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया की अध्यक्षता में विद्यार्थी सहयोग पोर्टल से संबंधित जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रशिक्षण का उद्देश्य सरकारी शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की शैक्षणिक एवं आधारभूत समस्याओं का पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है.
विद्यार्थियों की समस्याओं का समय पर होगा समाधान
जिला पदाधिकारी ने पदाधिकारियों और संस्थान प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा, सुविधा और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए.
ऑनलाइन दर्ज होगी शिकायत, आसानी से कर सकेंगे ट्रैक
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि विद्यार्थी सहयोग पोर्टल राज्य सरकार का डिजिटल प्लेटफॉर्म है. इसके माध्यम से विद्यार्थी शैक्षणिक संस्थान, पढ़ाई, छात्रावास, आधारभूत सुविधाओं और अन्य समस्याओं से जुड़ी शिकायत या सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं. पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है.
अधिकारियों को दी गयी पोर्टल की पूरी जानकारी
प्रशिक्षण सत्र में पदाधिकारियों और संस्थान प्रमुखों को पोर्टल की कार्यप्रणाली, शिकायत दर्ज करने, आवेदन की स्थिति देखने और शिकायत निवारण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी. अधिकारियों को विद्यार्थियों की शिकायतों पर निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई करने की प्रक्रिया भी समझायी गयी.
हर संस्थान में होगा विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का प्रचार
डीएम ने सभी शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों के प्रधानों को अपने-अपने परिसर में विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इस डिजिटल सुविधा की जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि वे अपनी समस्याओं और सुझावों को आसानी से प्रशासन तक पहुंचा सकें.
शिकायतों की जिला स्तर पर होगी नियमित समीक्षा
जिला पदाधिकारी ने कहा कि पोर्टल पर दर्ज शिकायतों और उनके निष्पादन की नियमित समीक्षा जिला स्तर पर की जाएगी. विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया.
कई शिक्षण संस्थानों के प्रधान हुए शामिल
प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों के साथ जिले के सभी अंगीभूत महाविद्यालयों, अभियंत्रण महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक संस्थान, आइटीआइ, पैरामेडिकल कॉलेज और नर्सिंग स्कूल के प्रधान शामिल हुए. इसके अलावा पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के छात्रावासों के प्रधान तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के प्रधान भी मौजूद रहे.
विद्यार्थियों के लिए बनेगा प्रभावी शिकायत निवारण माध्यम
डीएम ने सभी संबंधित पदाधिकारियों और संस्थान प्रमुखों को विद्यार्थी सहयोग पोर्टल को विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान का सशक्त माध्यम बनाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय के जरिए विद्यार्थियों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आसान और जवाबदेह व्यवस्था उपलब्ध करायी जाए.
