जहानाबाद में डीईओ कार्यालय के समक्ष डटे शिक्षक, ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन से प्रशासन में खलबली

Jehanabad Teacher News: जहानाबाद में बिहार राज्य शिक्षक संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा. जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन के तहत डटे शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी 27 सूत्री मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा.

Jehanabad Teacher News: (अशोक कुमार की रिपोर्ट) बिहार राज्य शिक्षक संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले अपनी 27 सूत्री मांगों के समर्थन में शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी उग्र रूप में जारी रहा. जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय के परिसर में आयोजित इस ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन की अध्यक्षता शंभू कुमार ने की, जबकि मंच का संचालन संयुक्त रूप से राम उदय कुमार, सत्येंद्र कुमार एवं संदीप पासवान ने किया. भीषण गर्मी के बावजूद जिले भर से आए सैकड़ों शिक्षक अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं, जिससे शिक्षा विभाग के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है.

भ्रष्टाचार और अधिकारियों की मनमानी का है आरोप

धरना पर बैठे शिक्षक नेताओं ने शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारियों के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया. आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि विभागीय आदेश और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी होने के बावजूद जहानाबाद जिले में शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है.

शिक्षकों ने उठाए यह मुख्य मुद्दे:

  • बकाया एरियर और प्रोन्नति: शिक्षकों का विभिन्न प्रकार का एरियर भुगतान, पे-फिक्सेशन (वेतन निर्धारण), कालबद्ध प्रोन्नति तथा विशिष्ट व प्रधान शिक्षकों के वेतन संरक्षण का लाभ अब तक लटका कर रखा गया है.
  • भ्रष्टाचार की शिकायत: वक्ताओं ने कहा कि कुछ विशिष्ट शिक्षकों के एरियर भुगतान में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है और भारी अनियमितता बरती गई है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच कर दोषी कर्मियों पर कठोर कार्रवाई की जाए.
  • 1999 बैच के शिक्षकों की उपेक्षा: 1999 बैच के शिक्षकों को उनके प्रशिक्षण के विरमन तिथि से नियमानुसार लाभ नहीं मिलना, पूरी तरह से जिला शिक्षा पदाधिकारियों की उदासीनता का जीवंत प्रमाण है.

आवास भत्ते में कटौती और विधानसभा को गुमराह करने का संगीन आरोप

शिक्षक नेताओं ने वित्तीय अनियमितता का खुलासा करते हुए कहा कि जहानाबाद के शिक्षकों को शहरी आवास भत्ता 10 प्रतिशत एवं नगर परिषद का आवास भत्ता 7.30 प्रतिशत मिलना चाहिए. इसके विपरीत विभाग द्वारा उन्हें मात्र 5 प्रतिशत ही भुगतान किया जा रहा है.

हद तो तब हो गई जब इस गंभीर वित्तीय कटौती के संबंध में बिहार विधानसभा में प्रश्न उठाए गए, तो जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा गलत और भ्रामक रिपोर्ट भेजकर सरकार व सदन को गुमराह करने का काम किया गया. शिक्षकों ने साफ कहा कि कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है और यहाँ पूरी तरह से डीईओ (DEO) व डीपीओ (DPO) की मनमानी चल रही है.

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

धरना प्रदर्शन में शामिल शिक्षक नेताओं और आम शिक्षकों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि उनका यह ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन किसी भी सूरत में वापस नहीं होगा. जब तक जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग उनकी सभी 27 सूत्री मांगों पर लिखित और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित नहीं करता, तब तक वे डीईओ कार्यालय के समक्ष दिन-रात डटे रहेंगे.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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