जहानाबाद से संजय अनुराग की रिपोर्ट
Jehanabad News: जहानाबाद सदर अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में भर्ती नवजात बच्चों की माताओं के लिए बनाया गया अस्थायी शेड बदहाल स्थिति में है. फटे तिरपाल, गंदे पानी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण माताओं को हर दिन मुश्किल हालात में गुजारना पड़ रहा है.
फटे तिरपाल के नीचे गुजर रही माताओं की जिंदगी
SNCU के बाहर बने शेड की हालत बेहद खराब है. शेड के चारों ओर लगे तिरपाल जगह-जगह से फट चुके हैं, जबकि कई हिस्सों में तिरपाल पूरी तरह गायब है. तेज धूप में गर्म हवा सीधे अंदर आती है और बारिश होने पर पानी शेड के भीतर तक पहुंच जाता है. ऐसे में नवजात बच्चों की माताएं खुले में रहने को मजबूर हैं.
शेड के अंदर भी भरा है नाली का गंदा पानी
माताओं की परेशानी सिर्फ फटे तिरपाल तक सीमित नहीं है. शेड के अंदर फर्श पर नाली का गंदा पानी जमा है. पानी में काई जम चुकी है और बदबू फैल रही है. महिलाओं ने आने-जाने के लिए ईंटें बिछा रखी हैं, ताकि गंदे पानी से बच सकें. कई बेडों के नीचे भी ईंटें रखी गई हैं, जिससे बिस्तर पानी से ऊपर रहे.
गर्मी और बारिश दोनों बनीं मुसीबत
भीषण गर्मी में शेड के अंदर लू के थपेड़े लगते हैं, जबकि बारिश होने पर पानी के छींटों से बचने के लिए सभी महिलाएं एक कोने में सिमट जाती हैं. नवजात बच्चों की देखभाल की मजबूरी के कारण वे इन कठिन परिस्थितियों में भी वहीं रहने को विवश हैं.
आज तक नहीं मिला माताओं के लिए अलग कमरा
नियमों के अनुसार SNCU में भर्ती नवजातों की माताओं के रहने के लिए अलग कमरा उपलब्ध होना चाहिए. लेकिन जहानाबाद सदर अस्पताल में जगह की कमी के कारण अब तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है. इसके बजाय खुले में अस्थायी शेड बनाकर उन्हें वहीं ठहराया जा रहा है.
ग्रामीण और मरीजों के परिजन उठा रहे सवाल
अस्पताल आने वाले लोगों का कहना है कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का दावा करती है, लेकिन नवजात बच्चों की माताओं के रहने की ऐसी बदहाल व्यवस्था कई सवाल खड़े करती है. उनका कहना है कि जल्द से जल्द स्थायी और सुरक्षित व्यवस्था की जानी चाहिए.
अस्पताल प्रबंधन ने क्या कहा
SNCU प्रभारी डॉ. चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि शेड के भीतर सफाई कराने, जमा पानी की निकासी और फटे तिरपाल बदलने के लिए सदर अस्पताल के प्रबंधक और अधीक्षक को लिखित पत्र भेजा गया है. जल्द आवश्यक कार्रवाई की उम्मीद है.
