Jehanabad : जलमीनार और बोरिंग होने के बाद भी जलसंकट झेल रहे हैं छह वार्डों के लोग

शहर के ठाकुरबाड़ी स्थित वार्ड संख्या 24 में जलमीनार और बोरिंग होने के बावजूद उक्त वार्ड के लोगों के साथ-साथ आसपास के छह वार्डों के लोगों को जल संकट से जूझना पड़ रहा है. हाल यह है कि ठाकुरबाड़ी मुहल्ले में ही सभी घरों में नल-जल का पानी नहीं पहुंचता है.

जहानाबाद. शहर के ठाकुरबाड़ी स्थित वार्ड संख्या 24 में जलमीनार और बोरिंग होने के बावजूद उक्त वार्ड के लोगों के साथ-साथ आसपास के छह वार्डों के लोगों को जल संकट से जूझना पड़ रहा है. हाल यह है कि ठाकुरबाड़ी मुहल्ले में ही सभी घरों में नल-जल का पानी नहीं पहुंचता है. ज्यादातर उन्हें घरों में नल-जल का पानी पहुंच पाता है जिन घरों में लोगों ने अपनी को खींचने के लिए मोटर लगा रखा है. अन्य घर के लोगों के यहां पानी नहीं गिरता है. जिन लोगों ने मोटर लगा रखा है. उनकी भी मजबूरी है, बगैर मोटर के वह नल-जल का पानी प्राप्त नहीं कर सकते हैं. ऐसे में ज्यादातर गरीब घरों के लोग नल-जल के पानी से वंचित हो रहे हैं. यह हाल तब है जब उक्त ठाकुरबाड़ी मुहल्ले में ही जलमीनार बना हुआ है. इस जलमीनार की क्षमता 1 लाख गैलन की है. इसे ठाकुरबाड़ी के साथ-साथ आसपास के कई मुहल्ले में वाटर सप्लाई के लिए तैयार किया गया था. जलमीनार पर पानी चढ़ाने के लिए उसके बगल में ही मोटर पंप गड़ा है. ठाकुरबाड़ी का इलाका वार्ड संख्या 24 में आता है. जबकि इस जलमीनार और बोरिंग से वार्ड संख्या 24 के अलावा 19, 20, 21, 22, 23 और 25 में भी पानी की सप्लाई की जाती है. ठाकुरबाड़ी से उन मुहल्लों को सप्लाई देने तथा छठ पर्व में नदी में पानी भरने के लिए संस्कृत विद्यालय के निकट एक और मोटर पंप गाड़ा गया था. यह मोटर 2 साल पहले ही फेल हो चुका है जिसके कारण पानी की सप्लाई के साथ-साथ छत और अन्य पर्व के अवसर पर नदी में पानी भरने में भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा था जिसके कारण नदी के किनारे एक और बोरिंग की गयी है. यह बोरिंग 25 हॉर्स पावर के मोटर की है. इस बोरिंग के में पाइप को भी जलमीनार के सप्लाई वाले पाइप से जोड़ दिया गया है, बावजूद इसके बाढ़ संख्या 24 के सभी मुहल्ले में भी ठीक से पानी नहीं पहुंच पाता है. अन्य मुहल्ले और बड़ों की स्थिति तो और भी बदतर है.

क्या है जल संकट का कारण :

ठाकुरबाड़ी के वार्ड संख्या 24 और आसपास के मुहल्ले में वाटर सप्लाई नहीं पहुंच पाने का सबसे बड़ा कारण जलमीनार का नहीं भर पाना है. एक लाख गैलन वाले इस जल मीनार को शायद ही कभी पूरी तरह भरा जाता हो. इसके लिए जल मीनार पर तैनात किये गये पंप मैन की कमी और लापरवाही दोनों जिम्मेवार है. यहां से वाटर सप्लाई के लिए दो-दो बोरिंग और मोटर लगे हैं किंतु एक ही पंप मैन की तैनाती की गई है. वह एक पंप मन भी समय से नहीं आता है और अगर बीच में बिजली कटी तो मोटर बंद कर चला जाता है जिसके कारण जल मीनार कभी भर ही नहीं पाती है. जलमीनार में थोड़ा बहुत पानी होने पर उतनी देर सप्लाई होती है उसके बाद पानी की सप्लाई बंद हो जाती है. डायरेक्ट मोटर से जो सप्लाई होती है उसमें भी बिजली रहने तक ही मोटर चलता है तो पानी मिलता है. बिजली काटने अथवा पंप कर्मी के चले जाने के बाद सप्लाई बंद हो जाती है. इसके कारण इस वार्ड के लोगों को तो जल संकट झेलना ही पड़ता है.

सप्लाई के समय भी बंद रहता है केंद्र : उक्त केंद्र से पानी की सप्लाई के लिए दिन भर में तीन निश्चित समय निर्धारित किया गया है. इसमें सुबह 6 से 9 तक दोपहर 12 से 2 बजे तक और शाम में 5:30 बजे से 8:30 बजे तक का समय निर्धारित है किंतु जब प्रभात खबर के संवाददाता उक्त वार्ड के वार्ड पार्षद के सहित दोपहर 1: 20 बजे पहुंचे तो केंद्र बंद पाया गया. जलमीनार और नदी किनारे दोनों मोटर नहीं चल रहे थे पानी की सप्लाई नहीं हो रही थी. इस मामले में मुहल्ले के लोगों का कहना है की जल मीनार पर तैनात कर्मी कहता है कि वह 24 घंटे ड्यूटी नहीं कर सकता है यहां पर और कर्मी की तैनाती की जानी चाहिए. बिजली काटने पर पंप गर्मी मोटर बंद कर चला जाता है फिर नहीं आता.

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By Mintu kumar

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