Jehanabad News: (संजय अनुराग की रिपोर्ट) शनिवार को जहानाबाद सदर अस्पताल की इमरजेंसी सेवा उस समय प्रभावित हो गई जब ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक अनुपस्थित पाए गए. इमरजेंसी में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को लंबे समय तक डॉक्टर का इंतजार करना पड़ा, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी और आक्रोश की स्थिति बन गई.
सिविल सर्जन के निरीक्षण में खुली पोल
सूचना मिलने पर सिविल सर्जन डॉ. हरिश्चंद्र चौधरी दोपहर करीब 1:15 बजे सदर अस्पताल पहुंचे. निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि इमरजेंसी वार्ड में कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था, जिसके बाद उन्होंने तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए.
निर्धारित ड्यूटी के बावजूद अनुपस्थिति
जानकारी के अनुसार, सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक इमरजेंसी में डॉ. अमित राज और डॉ. उदय शंकर की ड्यूटी निर्धारित थी. लेकिन निरीक्षण के दौरान डॉ. उदय शंकर निर्धारित समय से पहले अस्पताल से चले गए थे, जबकि डॉ. अमित राज अनुपस्थित पाए गए.
वैकल्पिक व्यवस्था कर शुरू हुआ इलाज
स्थिति बिगड़ते देख सिविल सर्जन ने अस्पताल की प्रभारी अधीक्षक डॉ. रेनू सिंह और एसएनसीयू प्रभारी डॉ. चंद्रशेखर को इमरजेंसी में तैनात किया। इसके बाद मरीजों का इलाज शुरू किया गया और स्थिति सामान्य हुई.
सिविल सर्जन ने जताई नाराजगी, कार्रवाई के निर्देश
डॉ. हरिश्चंद्र चौधरी ने मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए दोनों चिकित्सकों का वेतन रोकने और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि इमरजेंसी सेवा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
मरीजों से मुलाकात और समस्याओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और अस्पताल प्रशासन को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए.
पोस्टमार्टम हाउस में बिजली समस्या का भी निरीक्षण
इसके अलावा उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस का भी निरीक्षण किया, जहां बिजली आपूर्ति बाधित पाई गई. इस पर उन्होंने विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता से संपर्क कर तत्काल बिजली बहाल करने के निर्देश दिए.
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का आश्वासन
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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