Jehanabad News : (सुनील शर्मा) ग्राम पंचायत उवेर अंतर्गत ग्राम गम्हरपुर में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है. गांव निवासी मुकेश कुमार के घर के सामने आम रास्ते पर लगा हथिया चापाकल पिछले लगभग छह माह से खराब पड़ा हुआ है.
यह चापाकल पीएचडी विभाग द्वारा करीब सात से आठ वर्ष पहले लगाया गया था, जिससे गांव के लोग लंबे समय से पेयजल की जरूरत पूरी करते आ रहे थे. चूंकि यह चापाकल मुख्य रास्ते पर स्थित है, इसलिए इसका उपयोग आसपास के परिवारों के साथ-साथ राहगीर और अन्य ग्रामीण भी करते थे. इसके खराब हो जाने से अब लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
भीषण गर्मी में दूर-दराज से लाते हैं पानी
भीषण गर्मी के इस मौसम में पानी की आवश्यकता बढ़ गई है, लेकिन चापाकल बंद होने के कारण ग्रामीणों को दूर-दराज के स्थानों से पानी लाना पड़ रहा है. कई परिवारों को सुबह-शाम पानी के लिए भटकना पड़ता है. महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है.
गांव में पर्याप्त जलस्रोत नहीं होने के कारण लोग मजबूरी में दूसरे मोहल्लों के चापाकलों पर निर्भर हैं, जहां अक्सर भीड़ लगी रहती है. इससे समय की बर्बादी के साथ-साथ आपसी विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है.
कई बार विभाग को सूचना दी गई लेकिन पहल नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि चापाकल खराब होने की सूचना कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं कराई गई है। लगातार उपेक्षा के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. गांव के लोगों ने प्रशासन एवं पीएचडी विभाग से मांग की है कि खराब पड़े इस हथिया चापाकल की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। साथ ही नियमित रूप से चापाकलों की जांच एवं रखरखाव सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या न हो.
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