जहानाबाद: शहर में भूगर्भीय जलस्तर तेजी से नीचे जाने के कारण भीषण पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. स्थिति यह है कि कई इलाकों में लोगों को पीने के पानी के लिए दूसरे घरों का सहारा लेना पड़ रहा है. लगातार गिरते जलस्तर की वजह से बड़ी संख्या में चापाकल फेल हो चुके हैं, जबकि 80 से 90 फीट की गहराई पर लगाए गए सबमर्सिबल पंप भी पानी देना बंद कर चुके हैं. कई वार्डों में नल-जल योजना की जलापूर्ति भी प्रभावित हो गई है.
वार्ड 8 और 9 में जल संकट को लेकर सड़क पर उतरे लोग
शहर के वार्ड संख्या 8 और 9 में पिछले करीब 15 दिनों से गंभीर जल संकट बना हुआ है. पेयजल उपलब्ध नहीं होने से नाराज लोगों ने शनिवार और सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-33 जाम कर विरोध प्रदर्शन किया. प्रशासन ने जल्द जलापूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया है.
बताया गया कि संबंधित नल-जल योजना का मोटर जलस्तर नीचे चले जाने के कारण काम नहीं कर रहा है. अब मोटर में अतिरिक्त पाइप जोड़कर उसे अधिक गहराई तक स्थापित करने की आवश्यकता है.
300 फीट बोरिंग वाले घरों में भी सूखने लगे सबमर्सिबल
भूगर्भीय जलस्तर गिरने का असर अब 300 फीट बोरिंग वाले घरों पर भी दिखाई देने लगा है. जिन घरों में सबमर्सिबल मोटर 80 से 90 फीट की गहराई पर लगाए गए हैं, वहां पानी आना बंद हो गया है. फिलहाल 100 फीट या उससे अधिक गहराई पर लगे मोटर काम कर रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जलस्तर इसी गति से नीचे गया तो वे भी जल्द प्रभावित हो सकते हैं.
लोकनगर और राजाबाजार में सबसे अधिक परेशानी
लोकनगर निवासी सुनील कुमार ने बताया कि उनके घर का सबमर्सिबल मोटर 80 फीट पर लगा है, लेकिन पिछले एक सप्ताह से पानी नहीं आ रहा है. इससे पूरे परिवार को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है.
इसी तरह राजाबाजार क्षेत्र में भी 80 से 90 फीट पर लगे अधिकांश सबमर्सिबल पंप बंद हो चुके हैं. जिन घरों में 100 फीट तक 4 इंच की बोरिंग है, वे मोटर को और नीचे कर रहे हैं. जबकि जिनकी 4 इंच बोरिंग केवल 80 फीट तक है, उनके सामने कोई विकल्प नहीं बचा है.
बदल गया बोरिंग का तरीका
करीब 10 वर्ष पहले कराई गई अधिकांश 300 फीट बोरिंग में केवल 80 से 100 फीट तक ही 4 इंच पाइप डाले जाते थे, क्योंकि उस समय 50 से 60 फीट पर ही पर्याप्त पानी मिल जाता था. अब जलस्तर गिरने के कारण नई बोरिंग में 150 से 200 फीट तक 4 इंच पाइप डाले जा रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर सबमर्सिबल मोटर को अधिक गहराई तक उतारा जा सके.
चापाकल मिस्त्री ने जताई गंभीर चिंता
चापाकल मिस्त्री दिनेश कुमार ने बताया कि पूरे जिले में भूगर्भीय जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है. इसके कारण बड़ी संख्या में चापाकल और 80 से 90 फीट की गहराई पर लगे सबमर्सिबल पंप फेल हो रहे हैं.
उन्होंने कहा कि फिलहाल लोग पड़ोसियों से पानी लेकर या प्रशासन की ओर से भेजे जा रहे पानी के टैंकरों के सहारे काम चला रहे हैं. लेकिन यदि जलस्तर 100 फीट से भी नीचे चला गया तो जहानाबाद शहर में पेयजल को लेकर गंभीर संकट और हाहाकार की स्थिति बन सकती है.
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