जहानाबाद में खुले में मांस बिक्री पर बवाल, बाजार और सड़कों पर नियमों की उड़ रही धज्जियां

Jahanabad News: जहानाबाद में खुले में मांस बिक्री को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. शहर के बाजारों और मुख्य सड़कों पर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. प्रशासन की अनदेखी के चलते यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है.

Jahanabad News: (संजय अनुराग की रिपोर्ट) जिले के हाट, बाजार और कस्बों में खुले में आने-जाने वाले रास्तों पर मांस, मछली और मुर्गे की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है. स्थिति यह है कि जहानाबाद शहरी क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है. मुख्य बाजार, सब्जी मंडी, काको रोड, राजा बाजार, ऊंट मोड़, मालहचक मोड़, मेन रोड, अरवल मोड़, महावीर मंदिर के पास और कोर्ट इलाके में खुलेआम मांसाहार की बिक्री हो रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बिना लाइसेंस धड़ल्ले से चल रही दुकानें

जानकारी के अनुसार मांस, मछली और मुर्गा बेचने वाले कई दुकानदारों के पास नगर निगम या नगर परिषद का लाइसेंस नहीं है. जबकि नियमों के अनुसार बगैर लाइसेंस के बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसके बावजूद खुलेआम बिक्री का यह कारोबार जारी है और प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है.

सरकारी नियमों की हो रही अनदेखी

बिहार सरकार द्वारा खुले स्थानों और सार्वजनिक मार्गों पर मांस बिक्री पर रोक लगाई गई है. साथ ही बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 के तहत भी बाजार, सड़क किनारे और रिहायशी इलाकों में मांस बिक्री प्रतिबंधित है. नियमों के अनुसार केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों में ही निर्धारित मानकों के तहत बिक्री की अनुमति है, लेकिन धरातल पर इन नियमों की अनदेखी साफ दिखाई दे रही है.

खुले में जानवरों को लटकाकर बिक्री पर नाराजगी

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कई जगह जानवरों को काटकर खुले में लटका दिया जाता है और ग्राहकों को बुलाकर बिक्री की जाती है. विशेषकर अरवल मोड़ और महावीर मंदिर के पीछे वाले इलाके में ऐसी स्थिति अधिक देखने को मिलती है, जिससे धार्मिक और सार्वजनिक भावनाएं भी प्रभावित हो रही हैं.

नगर पालिका अधिनियम 2007 के प्रावधान

बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 के अनुसार मांस बिक्री के लिए लाइसेंस अनिवार्य है. साथ ही बूचड़खानों को निर्धारित क्षेत्र में ही स्थापित किया जाना चाहिए और बिक्री के दौरान स्वच्छता एवं सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है. मंदिरों के आसपास और धार्मिक अवसरों पर भी मांस बिक्री पर प्रतिबंध का प्रावधान है.

गौ हत्या कानून और नियमों का उल्लंघन

बिहार पशु संरक्षण एवं सुधार अधिनियम 1955 के तहत राज्य में गाय के वध पर पूर्ण प्रतिबंध है. इसके बावजूद जिले में नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से मांस बिक्री किए जाने की भी शिकायतें सामने आ रही हैं.

कार्रवाई पर क्या है प्रावधान

नगर पालिका अधिनियम की धारा 345 के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर दुकान सील करने, माल जब्त करने और जुर्माना लगाने का प्रावधान है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई न होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है.

अधिकारियों का बयान

इस संबंध में जहानाबाद के अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रंजन सिन्हा ने कहा कि सभी मांस विक्रेताओं को लाइसेंस लेना अनिवार्य है और खुले में बिक्री पर प्रतिबंध है. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी तथा बाजार समिति क्षेत्र में वैकल्पिक स्थान चिन्हित किया जा रहा है.

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