जहानाबाद में 7 से 8 लाख का ऑपरेशन फ्री, बाल हृदय योजना से गरीब बच्चों को बड़ी राहत, 51 बच्चों की हुई सर्जरी

Jahanabad News: जहानाबाद में मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का 7 से 8 लाख रुपये तक का हार्ट ऑपरेशन पूरी तरह मुफ्त किया जा रहा है. इस योजना के तहत अब तक जिले के 51 बच्चों की सफल सर्जरी की जा चुकी है, जिससे गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिली है.

Jahanabad News: बिहार में गरीब परिवारों के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना बड़ी राहत साबित हो रही है. इस योजना के तहत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का इलाज और ऑपरेशन पूरी तरह मुफ्त किया जा रहा है. जहानाबाद जिले में अब तक 51 बच्चों का हार्ट ऑपरेशन सफलतापूर्वक कराया गया है.

2317 बच्चों का अब तक मुफ्त इलाज

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में इस योजना के शुरू होने से अब तक 2317 बच्चों का मुफ्त इलाज किया जा चुका है. इनमें से 1565 बच्चों का इलाज अहमदाबाद स्थित सत्य साईं हृदय अस्पताल में किया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा उपचार उपलब्ध कराया जाता है.

जन्मजात हृदय रोग वाले बच्चों को मिल रहा इलाज

इस योजना के तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का इलाज किया जाता है, जो जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित होते हैं इनमें हृदय में छेद या अन्य गंभीर समस्याएं शामिल होती हैं, जो जन्म के समय ही पाई जाती हैं।

7 से 8 लाख रुपये का खर्च सरकार उठा रही

एक बच्चे के हार्ट ऑपरेशन पर लगभग 7 से 8 लाख रुपये का खर्च आता है, जिसे सरकार पूरी तरह वहन कर रही है. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत यह सभी उपचार और ऑपरेशन मुफ्त में किए जा रहे हैं.

गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत

इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों के उन बच्चों की मदद करना है, जिनका इलाज आर्थिक कारणों से संभव नहीं हो पाता. समय पर इलाज न मिलने पर कई बार बच्चों की जान को भी खतरा हो सकता है, जिसे रोकने के लिए यह योजना शुरू की गई है.

स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा होती है पहचान और रेफर प्रक्रिया

स्वास्थ्य विभाग की टीम ऐसे बच्चों की पहचान करती है और उन्हें जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजा जाता है. जांच में हृदय रोग की पुष्टि होने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए रेफर किया जाता है.

IGIMS, AIIMS और अन्य बड़े अस्पतालों में इलाज

गंभीर मामलों में बच्चों को पटना स्थित IGIMS, हृदय रोग संस्थान या AIIMS जैसे बड़े अस्पतालों में भेजा जाता है, जहां उनका बेहतर इलाज और जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन किया जाता है.

अधिकारियों ने दी जानकारी

जहानाबाद के सिविल सर्जन डॉ. हरिश्चंद्र चौधरी ने बताया कि योजना के तहत लगातार बच्चों की खोज कर उनका मुफ्त इलाज किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा इलाज के अभाव में अपनी जान न गंवाए.

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