Arwal News : अरवल जिला मत्स्य कार्यालय परिसर में शुक्रवार को राष्ट्रीय मछुआरा दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया. कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अधिकारियों और मत्स्यजीवी सहयोग समितियों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से इसका शुभारंभ किया. इस अवसर पर मत्स्य किसानों को सरकार की योजनाओं की जानकारी देने के साथ वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन कर उत्पादन और आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया.
जानिए... क्यों मनाया जाता है मछुआरा दिवस
कार्यक्रम में बताया गया कि 10 जुलाई 1957 को वैज्ञानिक डॉ. हीरालाल चौधरी और डॉ. के.एच. अलीकुन्ही ने भारतीय मेजर कार्प में सफल प्रेरित प्रजनन तकनीक विकसित की थी. इसी ऐतिहासिक उपलब्धि की स्मृति में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय मछुआरा दिवस मनाया जाता है.
अधिकारियों व मत्स्यजीवी प्रतिनिधियों ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला मत्स्य पदाधिकारी आशुतोष आनंद तथा विभिन्न प्रखंडों की मत्स्यजीवी सहयोग समितियों के मंत्री सियाराम चौधरी, रंजीत चौधरी, अभय कुमार, अशोक कुमार चौधरी, नंदू पासवान और अध्यक्ष वेसलाल चौधरी ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला मत्स्य पदाधिकारी ने की.
सरकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
मछुआरा दिवस के अवसर पर जिले में संचालित मत्स्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने मत्स्य किसानों को योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाकर आधुनिक तकनीक से मछली पालन करने के लिए प्रेरित किया. जिला मत्स्य पदाधिकारी ने उपस्थित प्रगतिशील मत्स्य कृषकों को वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक अपनाकर उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि की जा सकती है.
समस्या होने पर कार्यालय से संपर्क की अपील
कार्यक्रम में किसानों से कहा गया कि मछली पालन से जुड़ी किसी भी प्रकार की तकनीकी या योजनागत सहायता के लिए वे जिला मत्स्य कार्यालय से संपर्क करें. कार्यक्रम में प्रगतिशील मत्स्य कृषक पंकज शर्मा, सुनील त्रिपाठी, रमेश प्रसाद सहित कई मत्स्य पालक मौजूद रहे.
