अरवल में 180 निजी तालाबों का होगा निर्माण, मछली पालन और जल संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

जिले में निजी भूमि पर 180 तालाब निर्माण का कार्य तेज हो रहा है। यह योजना किसानों को मछली पालन और सिंचाई की सुविधा देकर आत्मनिर्भर बनाएगी। साथ ही भू-जल संरक्षण और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Arwal pond construction: किसानों को सिंचाई और मछली पालन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में निजी भूमि पर तालाब निर्माण का कार्य तेज किया जा रहा है. सरकार की जल जीवन हरियाली अभियान और मनरेगा की जी राम जी योजना के तहत जिले में 180 तालाब निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस योजना का उद्देश्य भू-जल संरक्षण, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है.

निजी भूमि पर बनेंगे तालाब

योजना के तहत किसानों की निजी भूमि पर तालाबों का निर्माण कराया जाएगा. इससे किसान अपनी असिंचित भूमि का उपयोग मछली पालन और सिंचाई के लिए कर सकेंगे. अधिकारियों का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे.

विभिन्न प्रखंडों में निर्धारित लक्ष्य

जिले के विभिन्न प्रखंडों में तालाब निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके तहत अरवल प्रखंड में 20, कलेर में 31, करपी में 57, कुर्था में 62 और बंशी प्रखंड में 10 तालाबों का निर्माण कराया जाएगा.

भू-जल संरक्षण में मिलेगी मदद

अधिकारियों के अनुसार तालाब निर्माण से जिले में भू-जल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी. अरवल जिले में अक्सर जुलाई माह के दौरान भू-जल संकट की स्थिति उत्पन्न होती है. ऐसे में नए जल स्रोतों के निर्माण से इस समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है.

ग्रामीणों को मिलेगा स्थानीय रोजगार

तालाब निर्माण कार्य से बड़ी संख्या में ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा. मनरेगा के तहत होने वाले इन कार्यों से लोगों को अपने गांव में ही रोजगार उपलब्ध होगा और उन्हें काम की तलाश में दूसरे शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा.

बढ़ेगा मछली उत्पादन

योजना के तहत तालाब निर्माण से जिले में मछली उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा. स्थानीय स्तर पर मछली पालन होने से लोगों को ताजी मछली उपलब्ध होगी. साथ ही अरवल में उत्पादित मछलियों की बिक्री अन्य जिलों और शहरों के बाजारों में भी की जा सकेगी.

क्या कहते हैं अधिकारी

मनरेगा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि यह किसानों को आत्मनिर्भर बनाने वाली बहुआयामी योजना है. उन्होंने कहा कि किसान अपनी खाली पड़ी भूमि पर तालाब खुदवाकर मछली पालन कर सकते हैं और इससे अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं. साथ ही यह योजना जल संरक्षण और रोजगार सृजन के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी.


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By Nishikant kumr

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