Jehanabad News: जिले के सदर अस्पताल में शनिवार की दोपहर मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई. 10 वर्षीय मासूम की मौत के बाद उसका पिता बेटे के शव को गोद में उठाकर अस्पताल से बाहर ले जाने को मजबूर दिखा. यह मार्मिक दृश्य वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर गया और अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर गया.
पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था बच्चा
जानकारी के अनुसार मोदनगंज प्रखंड के प्रीतम बिगहा गांव निवासी 10 वर्षीय अंकित कुमार पिछले कुछ दिनों से पेट दर्द और उल्टी की शिकायत से पीड़ित था. परिजन उसका इलाज गांव के समीप स्थित एक निजी क्लीनिक में करा रहे थे. शनिवार को अचानक उसकी तबीयत अधिक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल, जहानाबाद लाया गया. सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया. बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.
स्ट्रेचर नहीं मिलने पर गोद में उठाकर ले गए शव
बच्चे की मौत के बाद अस्पताल में स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं होने पर पिता अपने मासूम बेटे के शव को गोद में उठाकर अस्पताल से बाहर निकलते दिखाई दिए. अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो हर कोई भावुक हो उठा. हालांकि कुछ दूरी पर परिजनों को शव वाहन उपलब्ध करा दिया गया, लेकिन तब तक अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो चुके थे.
अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल
गौरतलब है कि सदर अस्पताल में स्ट्रेचर मैन की तैनाती होने के बावजूद इस तरह की स्थिति सामने आने से अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि यदि समय पर स्ट्रेचर उपलब्ध करा दिया जाता तो शोक में डूबे परिजनों को इस अतिरिक्त पीड़ा से नहीं गुजरना पड़ता.
स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन से मरीजों और परिजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
क्या कहते हैं अधीक्षक
सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. चंद्रशेखर प्रसाद ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी. यदि किसी कर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
