अरवल : खाद की कालाबाजारी से किसान परेशान, सरकारी दर से अधिक दाम पर बेच रहे दुकानदार

अरवल में खाद की कालाबाजारी से किसान परेशान हैं। सरकारी दर 266 रुपये के बजाय दुकानदार 380 रुपये तक वसूल रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।

Arwal News : अरवल जिले में खाद की कालाबाजारी और कथित मनमानी कीमतों ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. खाद की किल्लत के बीच किसानों का आरोप है कि सरकारी दर से अधिक कीमत पर यूरिया और डीएपी बेची जा रही है. किसानों के मुताबिक 266.50 रुपये प्रति बोरा निर्धारित कीमत वाली यूरिया के लिए दुकानदार 360 से 380 रुपये तक वसूल रहे हैं. वहीं डीएपी भी 1350 रुपये की निर्धारित दर के बजाय करीब 2200 रुपये प्रति बोरा बेचे जाने की शिकायत है.

धान की रोपनी के बाद किसान खेतों की सोहनी कर चुके हैं और अब फसल में हरियाली बनाए रखने के लिए यूरिया की जरूरत है. ऐसे में खाद की तलाश में किसानों को कई दुकानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. किसानों का आरोप है कि निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण मजबूरी में अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है.

जबरन कीटनाशक और जिंक लेने का आरोप

किसानों ने आरोप लगाया कि कुछ दुकानदार खाद देने के साथ कीटनाशक दवा या जिंक खरीदने की शर्त भी रखते हैं. जो किसान अतिरिक्त सामान लेने से इनकार करते हैं, उन्हें खाद देने में आनाकानी की जाती है. किसानों का कहना है कि जरूरत यूरिया की है, लेकिन दुकानदार दूसरे उत्पाद भी लेने के लिए दबाव बनाते हैं. किसान शैलेश कुमार, गोविन्द कुमार, गौतम शर्मा, योगेंद्र शर्मा, रविंद्र सिंह, बाबूलाल राम और खलीफा यादव ने बताया कि अलग-अलग दुकानों पर यूरिया की कीमत 360, 370 और 380 रुपये तक बतायी जा रही है.

अंगूठा 266.50 पर, वसूली अधिक

किसानों का आरोप है कि दुकानों पर पॉश मशीन में 266.50 रुपये की दर पर अंगूठा लगवाया जाता है, लेकिन वास्तविक कीमत मनमाने तरीके से वसूली जाती है. कई दुकानदार लोडिंग-अनलोडिंग के नाम पर 30 से 35 रुपये अतिरिक्त लेते हैं. लाइसेंसी दुकानों पर भी किसानों को करीब 300 रुपये प्रति बोरा भुगतान करना पड़ रहा है. किसान कुंदन कुमार ने बताया कि स्थानीय दुकानदार से उन्होंने 380 रुपये प्रति बोरा यूरिया और 2200 रुपये प्रति बोरा डीएपी खरीदी है. किसानों का कहना है कि रसीद मांगने पर कई दुकानदार खाद देने से ही इनकार कर देते हैं.

जिले में 153 खाद विक्रेता सक्रिय

विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में 153 खाद विक्रेता सक्रिय हैं, जिनमें 10 थोक विक्रेता हैं. वहीं कुछ दुकानदारों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि थोक विक्रेताओं से उन्हें 266.50 रुपये प्रति बोरा तक की दर पर यूरिया मिलती है. इसके बाद परिवहन और लोडिंग-अनलोडिंग का खर्च जुड़ जाता है. दुकानदारों का दावा है कि वे किसानों से प्रति बोरा करीब 20 रुपये ही अधिक लेते हैं. उनका कहना है कि यदि उन्हें यूरिया सही कीमत पर उपलब्ध हो तो किसानों को भी निर्धारित दर के करीब खाद मिल सकती है.

कार्रवाई की चेतावनी, आठ दुकानों का प्राधिकार निलंबित

जिला कृषि पदाधिकारी रंजीत कुमार झा ने बताया कि जिले में 2670 एमटी यूरिया और 679 एमटी डीएपी उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि खाद की कालाबाजारी के मामले में आठ उर्वरक दुकानों का प्राधिकार निलंबित किया जा चुका है. यदि कोई दुकानदार निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचता है और इसकी शिकायत प्राप्त होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.


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By Nishikant kumr

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