Arwal News : अरवल जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस की अध्यक्षता में राजस्व एवं भूमि सुधार से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में अपर समाहर्ता (राजस्व), भूमि सुधार उप समाहर्ता तथा जिले के सभी अंचलाधिकारी उपस्थित रहे. इस दौरान डीएम ने प्रखंडवार एवं अंचलवार राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए विकास योजनाओं के लिए आवश्यक भूमि समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
भूमि संबंधी बाधाओं को जल्द दूर करने के निर्देश
डीएम ने कहा कि भूमि उपलब्धता अथवा एनओसी से जुड़ी किसी भी समस्या के कारण कोई भी विकास कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए. उन्होंने सड़क, पुल-पुलिया, विद्यालय, स्वास्थ्य संस्थान, आंगनबाड़ी केंद्र, पेयजल, सिंचाई, विद्युत, खेल मैदान, पंचायत भवन तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आवश्यक भूमि चिन्हित कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा.
लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं में भूमि हस्तांतरण, जमाबंदी, सीमांकन, अतिक्रमण, म्यूटेशन अथवा अन्य राजस्व संबंधी विवादों के कारण कार्य लंबित हैं, उनकी सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाए. सभी अंचलाधिकारी नियमित समीक्षा कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबित मामलों का निपटारा सुनिश्चित करें.
अतिक्रमण हटाने और ऑनलाइन सेवाओं में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने, सरकारी भूमि का अद्यतन अभिलेखीकरण, ऑनलाइन दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन के लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, परिमापी कार्यों में तेजी लाने तथा न्यायालयों में लंबित राजस्व वादों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए.
सहयोग शिविर के आवेदनों का करें त्वरित निपटारा
डीएम अमृषा बैंस ने कहा कि आम नागरिकों से जुड़े राजस्व मामलों का निष्पादन पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समयबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें. उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को सहयोग शिविरों में प्राप्त राजस्व संबंधी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित समाधान सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही बनाए रखने का निर्देश दिया. जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस की अध्यक्षता में राजस्व एवं भूमि सुधार से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में अपर समाहर्ता (राजस्व), भूमि सुधार उप समाहर्ता तथा जिले के सभी अंचलाधिकारी उपस्थित रहे. इस दौरान डीएम ने प्रखंडवार एवं अंचलवार राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए विकास योजनाओं के लिए आवश्यक भूमि समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
भूमि संबंधी बाधाओं को जल्द दूर करने के निर्देश
डीएम ने कहा कि भूमि उपलब्धता अथवा एनओसी से जुड़ी किसी भी समस्या के कारण कोई भी विकास कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए. उन्होंने सड़क, पुल-पुलिया, विद्यालय, स्वास्थ्य संस्थान, आंगनबाड़ी केंद्र, पेयजल, सिंचाई, विद्युत, खेल मैदान, पंचायत भवन तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आवश्यक भूमि चिन्हित कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा.
लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं में भूमि हस्तांतरण, जमाबंदी, सीमांकन, अतिक्रमण, म्यूटेशन अथवा अन्य राजस्व संबंधी विवादों के कारण कार्य लंबित हैं, उनकी सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाए. सभी अंचलाधिकारी नियमित समीक्षा कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबित मामलों का निपटारा सुनिश्चित करें.
अतिक्रमण हटाने और ऑनलाइन सेवाओं में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने, सरकारी भूमि का अद्यतन अभिलेखीकरण, ऑनलाइन दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन के लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, परिमापी कार्यों में तेजी लाने तथा न्यायालयों में लंबित राजस्व वादों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए.
सहयोग शिविर के आवेदनों का करें त्वरित निपटारा
डीएम अमृषा बैंस ने कहा कि आम नागरिकों से जुड़े राजस्व मामलों का निष्पादन पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समयबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें. उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को सहयोग शिविरों में प्राप्त राजस्व संबंधी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित समाधान सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही बनाए रखने का निर्देश दिया.
