जहानाबाद. मेहनत और लगन से हर सपना पूरा किया जा सकता है. इसका उदाहरण शहर के टेनीबीघा वार्ड संख्या-7 निवासी रौशन कुमार ने पेश किया है. निजी क्लीनिक में कंपाउंडर के रूप में कार्यरत मनोज कुमार रंजन के बेटे रौशन ने NEET 2026 परीक्षा में 603 अंक हासिल कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया है. उन्हें ऑल इंडिया रैंक 9108 और कैटेगरी रैंक 4010 प्राप्त हुई है.
संघर्ष के बीच तय किया सफलता का सफर
रौशन की प्रारंभिक शिक्षा बाल विद्या निकेतन से हुई. उन्होंने वर्ष 2020 में 10वीं और वर्ष 2022 में एसजेएस कॉलेज, कुर्था (अरवल) से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की. इसके बाद वर्ष 2022 से 2025 तक जूलॉजी ऑनर्स से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. डॉक्टर बनने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने पटना स्थित गोल इंस्टीट्यूट से NEET की तैयारी की और सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत से सफलता हासिल की.
पिता के सपने को दिया नया मुकाम
रौशन के पिता मनोज कुमार रंजन एक निजी क्लीनिक में कंपाउंडर हैं. वे दिनभर मरीजों की सेवा करने के बाद बेटे को पढ़ाई के लिए प्रेरित करते थे. परिवार की आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने रौशन की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी. इसी मेहनत और हौसले का परिणाम आज पूरे परिवार के सामने है.
'यह मेरी नहीं, पापा की जीत है'
रिजल्ट आने के बाद रौशन कुमार ने कहा, "यह सफलता सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि मेरे पापा की मेहनत का परिणाम है. उनका सपना था कि मैं डॉक्टर बनूं. अब मेरा लक्ष्य एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर लोगों की सेवा करना है." उनकी सफलता से परिवार, शिक्षकों और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है. कोचिंग संस्थान के निदेशकों और शिक्षकों ने भी रौशन की उपलब्धि की सराहना की है.
अब एमबीबीएस में दाखिले की तैयारी
NEET 2026 में शानदार सफलता के बाद रौशन कुमार अब एमबीबीएस में दाखिला लेकर डॉक्टर बनने के अपने सपने को साकार करने की तैयारी कर रहे हैं. उनकी सफलता उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल करने का सपना देखते हैं.
