Arwal News: अरवल जिले के जनकपुर धाम रेड लाइट एरिया में अचानक भारी हलचल मच गयी. देखते ही देखते संदिग्ध गतिविधियों वाले मकानों के दरवाजे धड़ाधड़ बंद होने लगे. इस बीच भारी संख्या में पुलिस की गाड़ियां अचानक मौके पर आकर लग गयीं, जिसके बाद इलाके में अपराधियों और संदिग्ध लोगों के बीच पूरी तरह भागमभाग का माहौल बन गया.
प्रशासनिक अधिकारियों ने किया नेतृत्व
सामाजिक संस्था (एनजीओ) की विशेष शिकायत और इनपुट पर महिला पुलिस बल के साथ अरवल रेड लाइट एरिया में यह औचक छापेमारी की गयी. इस बड़ी दंडात्मक कार्रवाई के दौरान मौके पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), अरवल अंचलाधिकारी (सीओ) और अरवल थाना की पुलिस के साथ भारी संख्या में सशस्त्र पुलिस पदाधिकारी और जवान मुस्तैदी से मौजूद थे. छापेमारी का सफल नेतृत्व अनुमंडल पदाधिकारी संजीव कुमार स्वयं कर रहे थे.
महिला थाने भेजी गईं लड़कियां
पुलिस ने पूरे चिन्हित इलाके की चौतरफा घेराबंदी कर कई संदिग्ध मकानों और कमरों की गहन तलाशी ली. इस सघन तलाशी अभियान के दौरान पुलिस टीम ने मौके से करीब दर्जन भर लड़कियों को अभिरक्षा में लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें आगे की पूछताछ व कानूनी प्रक्रिया के लिए सीधे महिला थाना में सुरक्षित भेज दिया. पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से देह व्यापार के सिंडिकेट से जुड़े सफेदपोशों में खलबली है.
दूसरे राज्यों से जुड़ा नेटवर्क
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने कहा कि एक प्रतिष्ठित एनजीओ की लिखित शिकायत और पुख्ता इनपुट के आधार पर यह पूरी छापेमारी की गयी है. प्रशासन को लगातार ऐसी गोपनीय सूचनाएं मिल रही थीं कि मानव तस्करी के जरिए दूसरे राज्यों से सीधी-सादी लड़कियों को बहला-फुसलाकर यहां लाया जाता है और उनसे जबरन अवैध धंधा कराया जाता है. इसी इनपुट के आधार पर जाल बिछाकर यह कार्रवाई की गयी है और मामले के मुख्य सरगनाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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