आयोजन. व्यवहार कोर्ट परिसर में लगायी राष्ट्रीय लोक अदालत
चार करोड़ 13 लाख 17 हजार 547 रुपये में मामलों का समझौता
जहानाबाद नगर : राष्ट्रीय लोक विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश में व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. राष्ट्रीय लोक अदालत में 1903 मामलों का निबटारा किया गया. वहीं चार करोड़ 13 लाख 17 हजार 547 रुपये के मामलों का समझौता हुआ. लोक अदालत में बैंक ऋण से संबंधित 32, एनआइए एक्ट से संबंधित 787, वीएसएनएल से संबंधित 09, मोटेशन से संबंधित 602, ग्राम कचहरी से संबंधित 04, क्रिमिनल से संबंधित 120, एमएसीटी केस से संबंधित 02, शादी विच्छेद से संबंधित 02, लेबर एक्ट से संबंधित 01 तथा 107,144,145 से संबंधित 344 मामलों का निबटारा किया गया.
लोक अदालत को सफल बनाने के लिए 12 पीठों का गठन किया गया था. जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रप्रकाश सिंह ने सभी पीठों के स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश देते दिखे. इस मौके पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति से मामलों का निबटारा होता है. यहां तुरंत न्याय मिल जाता है जिससे समय की बचत होती है. उन्होंने बताया कि परस्पर सहमति के आधार पर मामले निबटाये जाते हैं. राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर 12 पीठ गठित किये गये थे. सभी पीठों में एक न्यायिक पदाधिकारी तथा दो-दो पैनल अधिवक्ता को रखा गया था. विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह एडीजे पंचम रजनीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लोक अदालत को सफल बनाने में पीठ एक में एडीजे 1 संजय कुमार सिंह, पीठ 2 में एडीजे 2 त्रिलोकी नाथ त्रिपाठी, पीठ 3 में एडीजे 5 रजनीश कुमार श्रीवास्तव, पीठ 4 में सीजेएम रामायण राम, पीठ 5 में सब जज सुधीर सिन्हा, पीठ 6 में सब जज नमिता सिंह, पीठ 7 में सब जज राकेश कुमार रजक, पीठ 8 में एसडीजेएम मुकेश कुमार मिश्र, पीठ 9 में मुंशिफ मनीष कुमार उपाध्याय, पीठ 10 में न्यायिक पदाधिकारी उमेश प्रसाद, पीठ 11 में प्रणव कुमार एवं पीठ 12 में रंजन कुमार को रखा गया था. इधर अरवल स्थित व्यवहार न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 604 मामलों का निष्पादन किया गया.
जिसमें 46 सुलहनीय अपराधिकवाद,204 दाखिल खारिज, 13 ग्राम कचहरी, 55 107 एवं 144 से संबंधित तथा 01 विद्युत से संबंधित मामले का निष्पादन किया गया. जबकि बैंक से संबंधित 285 वादों का निष्पादन किया गया जिसमें कुल 01 करोड़ 53 लाख 76 हजार 61 रुपये का समझौता हुआ तथा 29 लाख 31 हजार 212 रुपये की वसूली हुई. लोक अदालत की सफलता को लेकर पांच पीठ का गठन किया गया था. पीठ एक में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अशोक राज, पीठ 2 में सब जज प्रथम अरुण कुमार, पीठ 3 में सब जज तृतीय संजीव कुमार, पीठ 4 में सब जज चार कृष्ण कुमार चौधरी, पीठ 5 में मुंशिफ राकेश कुमार राकेश को बनाया गया था.
पंचम पीठ में सबसे अधिक सेटलमेंट 197 लोगों के साथ 10,659508 रुपये हुआ तथा रिकवरी 20644774 रुपये का हुआ.
उक्त आशय की जानकारी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अशोक राज चौधरी ने दी.
