जहानाबाद नगर : गोबर लेने के विवाद में हुई परशुराम यादव की हत्या के मामले में आरोपित राजबल्लभ यादव को जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रप्रकाश सिंह ने दोषी पाते हुए धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी. साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड की भी सजा सुनायी गयी. अर्थदंड की राशि नहीं […]
जहानाबाद नगर : गोबर लेने के विवाद में हुई परशुराम यादव की हत्या के मामले में आरोपित राजबल्लभ यादव को जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रप्रकाश सिंह ने दोषी पाते हुए धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी. साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड की भी सजा सुनायी गयी. अर्थदंड की राशि नहीं देने पर अभियुक्त को छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी. वहीं अभियुक्त राजबल्लभ यादव की
पत्नी कलावती देवी को न्यायाधीश ने गाली-गलौज करने के आरोप में दोषी पाते हुए धारा 504 के तहत एक वर्ष साधारण कारावास की सजा सुनायी. बताया जाता है कि 15 जनवरी 2015 की संध्या साढ़े पांच बजे गोबर लेने के विवाद में पति के साथ अभियुक्त कलावती देवी ने गाली-गलौज की एवं इसके बाद कलावती देवी का पति राजबल्लभ यादव ने लाठी से परशुराम यादव को मार कर जख्मी कर दिया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.
अरवल में आरोपित को दो साल की सजा
व्यवहार न्यायालय अरवल के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चतुर्थ कृष्ण कुमार चौधरी के न्यायालय द्वारा महिला उत्पीड़न के मामले में एक व्यक्ति को दो साल का साधारण कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी गयी. अर्थदंड नहीं जमा करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा सुनायी गयी. मिली जानकारी के अनुसार रंजु देवी ग्राम अरई निवासी ने अपने पति उपेंद्र शर्मा पर न्यायालय में परिवाद पत्र संख्या 156/10 दर्ज किया था.
जिसमें आरोप लगाया गया था कि अभियुक्त उनके पति उपेंद्र शर्मा शादी के पांच वर्ष के बाद प्रताड़ित किया करते थे. उसके साथ ही खाना भी बंद कर दिया गया था. इसके बाद वह नैहर कुबड़ी वापस आ गयी. नैहर में आने के बाद अपने पति उपेंद्र शर्मा पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया.