पटना : बिहार के जहानाबाद जिले के मखदुमपुर प्रखंड के टेहटा गांव में बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के रवैये से बच्चों के भविष्य की बत्ती ही गुल होती नजर आ रही है. इस समय बच्चों की परीक्षाएं और मासिक टेस्ट सिर पर हैं और यहां पर बिजली विभाग की ओर से घंटों तक बिजली की अघोषित कटौती की जा रही है. ऐसे में बच्चे न तो समय पर तैयार होकर स्कूल पहूंव पा रहे हैं और न ही रात में ढंग से होमवर्क ही पूरा हो पा रहा है.
हालांकि, यहां पर बिजली की समुचित आपूर्ति करने के लिए सरकार की ओर से पावर ग्रिड भी स्थापित किया गया है. बावजूद इसके इस इलाके में आठ से 10 घंटे तक अघोषित बिजली की कटौती की जा रही है. इससे यहां पर बच्चों के अलावा दुकानदारों और नौकरी-पेशा लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. आलम यह है कि यहां पर पावर ग्रिड स्थापित किये जाने के बावजूद आठ-आठ घंटे तक बिजली की अघोषित कटौती की जाती है. बाजार में बिजली कटौती का यह खेल पिछले कई दिनों से लगातार जारी है. हालांकि, इलाके में बिजली की अघोषित कटौती को लेकर स्थानीय लोगों में रोष भी बना हुआ है.
टेहटा बाजार के उपभोक्ताओं का कहना है कि यहां पर रोजाना सुबह पांच बजे से ही बिजली की कटौती शुरू कर दी जाती है, जिसकी देर रात तक आंख-मिचौनी जारी रहती है. उनका कहना है कि बिजली की अघोषित कटौती होने से सुबह-सवेरे बच्चों को स्कूल और लोगों को अपने काम पर जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
उपभोक्ताओं का कहना है कि यहां से बच्चों को पढ़ाई करने के लिए जहानाबाद के निजी स्कूलों में जाना पड़ता है. इस कारण उन्हें अहले सुबह ही तैयार होना पड़ता है. ऐसे में बिजली नहीं होने के कारण उनकी ठीक ढंग से तैयारी नहीं हो पाती है और पढ़ाई भी बाधित रहती है.
मखदुमपुर प्रखंड में बिजली विभाग में तैनात कनीय अभियंता सोनू लाल महतो का कहना है कि बिजली में कटौती ऊपर से ही की जा रही है. उन्होंने खुलासा करते हुए कहा कि अकेले टेहटा में ही नहीं, इसके आसपास अन्य इलाकों में बिजली की छह से आठ घंटे तक बिजली की अघोषित कटौती की जा रही है. उनका कहना है कि इस समय बिजली की कटौती से जहानाबाद जिले के अन्य इलाके भी प्रभावित है.
