भक्ति से ही होती है भगवान की प्राप्ति

भंडारे के साथ संपन्न हुई हनुमान जयंती नवाह पाठ के समापन पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ जहानाबाद : जिले के वभना स्थित हनुमत स्थान में नौ दिनों से चल रहे हनुमान जयंती समारोह का शनिवार को भंडारे के साथ समापन हो गया. 21 से 29 अक्तूबर तक चले नवाह पाठ के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की […]

भंडारे के साथ संपन्न हुई हनुमान जयंती

नवाह पाठ के समापन पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
जहानाबाद : जिले के वभना स्थित हनुमत स्थान में नौ दिनों से चल रहे हनुमान जयंती समारोह का शनिवार को भंडारे के साथ समापन हो गया. 21 से 29 अक्तूबर तक चले नवाह पाठ के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. हनुमत स्थान के महंथ श्रीश्री मधुसूदन दास के नेतृत्व में आयोजित हनुमान जयंती समारोह की अनुपम छटा से हर लोग अभिभूत थे.
गर्भगृह से लेकर पूरे मंदिर प्रांगण को आकर्षक रूप से सजाया गया था. राम चरित्र मानस नवाह पाठ संपन्न होने पर भक्तों के जयकारा से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा. हर भक्त जय श्रीराम एवं जय हनुमान का जयकारा लगा रहे थे. इस मौके पर अयोध्या से आये संत सुभाष शास्त्री ने प्रवचन के दौरान भगवान राम की महिमा बताते हुए कहा कि भक्ति से ही भगवान की प्राप्ति होती है. परहित से बड़ा कोई धर्म नहीं. असहाय व निर्धन लोगों की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है.
पूर्ण आहुति के मौके पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में आसपास के गांव के लोगों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया. वहीं कई भक्त पटना-गया सहित विभिन्न जगहों से चलकर भगवान हनुमान जी के जन्मोत्सव में शामिल होने पहुंचे थे.
ठाकुरबाड़ी के आसपास दुपहिया एवं चारपहिया वाहनों की लंबी कतार लगी थी. हर भक्त भगवान के चरणों में नत मस्तक हो भगवान का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे थे. पूजा पाठ से आसपास का इलाका भक्तिमय दिख रहा था. पूर्णाहूति के अवसर पर दोपहर बाद शुरू हुये भंडारे का कार्यक्रम देर शाम तक चलता रहा.

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