1995 में हुई थी आशीष के पिता राजनाथ की हत्या
जहानाबाद : झारखंड के गुमला में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया आशीष यादव का पता ठिकाना दो अलग-अलग जगहों का बताया जा रहा है. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आशीष भगवानगंज थाने के नगौली गांव का निवासी बताया जाता है. वहीं सूत्रों की मानें तो राजनाथ यादव का बेटा आशीष यादव मखदुमपुर थाना क्षेत्र के मकरपुर टोला माली बिगहा का निवासी था. आशीष के पिता राजनाथ यादव की हत्या करीब 1995 में गांव के ही दबंग कहे जाने वाले राजा यादव ने कर दी थी.
जिसके बाद राजनाथ के बेटों ने नक्सलियों के साथ मिलकर राजा यादव को मौत के घाट उतारा. अदावत की इस लड़ाई में कई लोगों की लाशें बिछी और गांव विरान हो गया. राजनाथ की हत्या के बाद माली बिगहा में सिर्फ राजा यादव के ही समर्थक रहा करते थे. कई लोग गांव छोड़कर बाहर जा बसे. कौन कहां जाकर बसा इसकी पुख्ता जानकारी अब गांव वालों को भी नहीं है. इलाके के लोग राजा यादव और दीपा यादव के गैंगवार की लड़ाई को अब तक नहीं भूल पायें हैं.
राजा और दीपा एक दूसरे के खून के प्यासे थे. राजनाथ के बेटों को दीपा यादव का साथ मिलता था. दीपा की दबंगई की चर्चा इलाके में आम है. जिसे लोग दीपा खलीफा के नाम से भी जानते थे. अदावत की ये लड़ाई रुकने का नाम नहीं ले रहा थी. करीब एक दशक बाद एक बार फिर से खूनी संघर्ष में राजा के समर्थकों ने दीपा खलीफा को मार गिराया. इस तरह गैंगवार की यह लड़ाई खत्म होने का नाम नहीं ले रही थी. लोग डर से अपना पता ठिकाना बदलकर इधर-उधर रहने लगे.
लोग बताते हैं कि आशीष होनहार और काबिल लड़का था. लेकिन इसके गुमला में होने की जानकारी किसी को नहीं थी. वहीं पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आशीष के नक्सली गतिविधियों की सूचना जिला पुलिस को नहीं थी. कभी भी आशीष का नाम सुर्खियों में नहीं आया.
