टेंडर समाप्त होने के बाद परिसर की बिगड़ी सूरत
जहानाबाद : स्थानीय रेलवे स्टेशन परिसर और प्लेटफाॅर्म पर इन दिनों गंदगी पसरी है. नियमित सफाई के अभाव में पूरा रेलवे कैंपस कचरों से भरा पड़ा है. ऐसी हालत में बदबू से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है. लोग गंदगी से होकर गुजरने को विवश हैं. इसका कारण पैसे का अभाव बताया जाता है. आवंटन नहीं होने से जहानाबाद रेलवे स्टेशन कैंपस में सफाई अभियान पर असर पड़ रहा है.
जो पैसे उपलब्ध कराये जा रहे है उसे सफाई के लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा है. ऐसी स्थिति यहां विगत करीब एक माह से बनी हुयी है. सफाई अभियान का टेंडर की अवधि समाप्त होने और नये सिरे से इसकी व्यवस्था नहीं किये जाने से स्टेशन में गंदगी का सम्राज्य फैला हुआ है.
जहानाबाद स्टेशन के साफ-सफाई के लिए पूर्व में टेंडर निकालकर किसी एजेंसी को अधिकृत किया गया था. करीब डेढ़ लाख रुपये मासिक खर्च किये जाने का प्रावधान था. फिलहाल टेंडर की अवधि समाप्त हो गयी और सफाई का जिम्मा स्टेशन प्रबंधक को सौंपा गया है. रेलवे के स्थानीय अधिकारी बताते हैं कि सफाई के नाम पर प्रतिमाह डेढ़ लाख रुपये व्यय किये जाते थे लेकिन अभी मात्र 15 हजार रुपये ही उपलब्ध कराया जाता है. ऐसी हालत में प्रतिदिन सफाई कराना संभव नहीं है.
गंदगी से फैल रही है बदबू
पिछले एक डेढ़ माह से जहानाबाद रेलवे स्टेशन परिसर और प्लेटफाॅर्म की सूरत बिगड़ी हुई है. समुचित सफाई के अभाव में पूरे परिसर में गंदगी पसरी रहती है. अभी बरसात के मौसम में स्थिति और भी नारकीय हो गयी है. एक तो कि गंदे पानी के निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है. थोड़ी सी बारिश होते ही पूरे रेलवे कैंपस में जल-जमाव हो जा रहा है. धीरे-धीरे पानी का निकास होने पर कीचड़ से कैंपस सनी रहती है. नियमित झाडू नहीं लगाये जाने से प्लेटफार्म पर कचड़े के ढेर लगे रहते हैं. रेलवे कैंपस में बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थ कैंपस में फेंक दिये जाते है. केले के छिलके से फिसल कर यात्री गिर रहे हैं. गंदगी के बीच प्लास्टिक और चादर बिछाकर यात्रियों को बैठकर ट्रेनों के इंतजार करने पर विवश रहना पड़ रहा है.
