जहानाबाद : बिहार राज्य में स्थित सभी ब्लड बैंकों की नियामक संस्था बिहार स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी (बिसैक) पटना के एक जांच दल ने सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक का औचक निरीक्षण किया.
जांच दल के मुकेश कुमार, मनोज कुमार ने निरीक्षण के दौरान पहले तो अपनी पहचान छुपाते हुए तो एक जरूरतमंद के रूप में आकर ब्लड की जरूरत बतायी और इस स्थिति में ब्लड बैंक कर्मचारियों द्वारा अपनायी जाने वाली प्रक्रिया और व्यवहार को जांचा-परखा.
उसके बाद अपना असली परिचय देते हुए सभी तरह के रजिस्टरों और फाइलों की जांच कर अधूरे रजिस्टर तथा खामियों को दूर करने के सख्त निर्देश दिये. कमियों को जल्द दूर नहीं करने पर कार्रवाई करने की बात कही. जांच टीम ने एक्सपायरी ब्लड सहित वेस्ट डिस्पोजल के तरीकों पर नाराजगी जताते हुए स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार डिस्पोजल करने को कहा.
साथ ही स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों की भी रिपोर्ट ली. रक्तदान की स्थिति के बारे में संतोष जताते हुए किसी आपदा की स्थिति में तैयार रहने को कहा. ब्लड बैंक में थैलीसीमिया के मरीजों को बिना शर्त मदद दी जाती है. फरवरी में 16 थैलीसीमिया पेशेंट को फ्री ब्लड दिया गया.
वहीं 18 जरूरतमंदों को गंभीर स्थिति में मुफ्त रक्त उपलब्ध करवाया गया. करीब 100 जरूरतमंदों को रक्तदान के बदले रक्त दिया गया. पिछले महीने रक्तदान शिविरों में 80 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया.
