जहानाबाद सदर : शहर के सब्जी मंडी के पास मटकोरी कुआं के समीप स्थित गांधी मंदिर बेहाल है. इसकी देखभाल करने वाला भी अब कोई नहीं रहा. आज हमलोग 72वीं स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी में जुटे हुए हैं. प्रशासन से लेकर आम आदमी 72वीं स्वतंता दिवस मनाने की तेयारी में अभी से जुट गया है लेकिन बाजार में स्थित गांधी मंदिर बेहाल है.
इस पर किसी की भी नजर नहीं है. विदित हो कि व्यवसायियों ने आपसी सहयोग से बाजार में मटकोरी कुंआ के पास 1960 के दशक में गांधी मंदिर का निर्माण कराया था. गांधी मंदिर के चारों ओर बरामदा भी है. 80 के दशक तक लोग गांधी मंदिर की पूजा-पाठ के साथ ही प्रार्थना भी किया करते थे. बाहर से आने वाले व्यवसायियों का यह ठिकाना भी था. लोग यहां रात्रि विश्राम भी किया करते थे. 90 के दशक तक भी गांधी मंदिर की स्थिति ठीक-ठाक थी, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति खराब होती गयी,
जिसका परिणाम है कि गांधी मंदिर जर्जर बन गया है और भूत-बेताल में तब्दील होते जा रहा है. मंदिर के प्लास्टर चारों ओर से झड़कर गिरने लगा है. कई जगहों पर तो दीवाल भी फट गया है तथा शौचालय की स्थिति बद्तर बनी हुई हे तथा चापाकल भी खराब पड़ा है. गांधी मंदिर के बदहाली का परिणाम है कि मंदिर के गेट पर दिन भर ताला लटका रहता है.
