जहानाबाद. विधानसभा उपचुनाव के दौरान बुजुर्ग मतदाता भी वोट डालने से पीछे नहीं रहे. रतनी-फरीदपुर प्रखंड के बूथ संख्या 57 पर एक 100 साल की महिला जमनिया देवी वोट डालने पहुंची. उसे उनका भतीजा बाइक पर लेकर आया. वोट डालने के बाद उन्होंने बताया कि वोट मेरा अधिकार है.
चलने में असमर्थ रहने के बावजूद उन्होंने वोट डालने के लिए अपने परिजनों से कहा, जिसके बाद उन्हें बाइक पर बैठाकर मतदान केंद्र लाया गया. वहीं किनारी मध्य विद्यालय स्थित मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंची 90 वर्षीय सोनामति देवी का उत्साह भी देखते ही बन रहा था. वह सही तरीके से चल नहीं पा रही थी. एक तरफ उसकी बहू तथा दूसरी तरफ उसकी पोती उसे पकड़ रखा था. उन्होंने वोट डालने के बाद बताया कि जब तक वे जिंदा रहेंगी, अपने अधिकार का प्रयोग करते रहेगी.
सड़क निर्माण के लिए वोट का बहिष्कार
रतनी. लाखापुर पंचायत के अख्तियारपुर, मसंडा व पचासा गांव के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया. ग्रामीणों का कहना था कि 1986 के बाद आज तक इन गांवों में सड़क नहीं पहुंची. जब तक सड़क का निर्माण नहीं होगा, वोट का बहिष्कार करते रहेंगे. उनका कहना था कि बरसात के दिनों में गांव जाने में काफी परेशानी होती है. आक्रोशित ग्रामीण सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी करते दिखे. अधिकारियों व प्रत्याशियों ने काफी समझाया पर लोग नहीं माने. राजनीतिशास्त्र के जानकार प्रो उमेश कुमार ने बताया कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी मांग रखनी चाहिए, लेकिन अपने अधिकार का हनन खुद से नहीं करना चाहिए.
पोलिंग एजेंट की पिटाई से बिगड़ा माहौल
उपचुनाव के दौरान रविवार को हो रहे मतदान में सेसंबा मध्य विद्यालय बूथ नबर 57 पर पोलिंग एजेंट पर बोगस वोट डलवाने का आरोप लगा उड़नदस्ता टीम के कमांडो द्वारा जमकर पिटाई किये जाने के बाद ग्रामीण उग्र हो गये. इससे कुछ देर के लिए स्थिति प्रशासन व ग्रामीणों के बीच तनावपूर्ण हो गयी. ग्रामीणों का कहना था कि उक्त कमांडो को जब तक सस्पेंड नहीं किया जायेगा, तब तक मतदान बाधित रहेगा. हालांकि झड़प की सूचना पाकर वरीय पदाधिकारी के आने के बाद मामला शांत हुआ तब जाकर घंटों बाद पुन: मतदान शुरू कराया गया. हालांकि पोलिंग एजेंट श्रवण कुमार ने बताया कि उक्त कमांडो शुरू से ही बेवजह परेशान कर रहे थे और यह कहते हुए कि तुम बोगस वोट पार करा रहे हो, बेरहमी से पिटाई कर दी.
दिव्यांग हैं तो क्या, हमने भी डाला अपना वोट
अररिया लोकसभा उपचुनाव
अररिया. मतदान केंद्रों पर युवा, बुजुर्ग, वृद्धों के साथ कई ऐसे लोग भी पहुंचे जो नहीं चल पा रहे थे. ऐसे दिव्यांगों में कोई ठेला पर तो कोई खाट पर तो कोई रिक्शा पर अपने परिजनों के सहारे पहुंचे. अररिया के आदर्श मध्य विद्यालय स्थित मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे आनंदी प्रसाद ने कहा कि वह हर हाल वोट डालने आते हैं. हालांकि जो विकास होना चाहिए, अब तक नहीं हुआ. वहीं, कन्या मध्य विद्यालय स्थित मतदान केंद्र पर इंद्रासन देवी रिक्शा पर सवार होकर वोट डालने पहुंचीं.
नरपतगंज में वोटर लिस्ट में नाम नहीं रहने पर किया हंगामा : कन्या प्राथमिक विद्यालय भोड़हर के बूथ संख्या 38 एवं 38 क पर रविवार को मतदान करने के लिए जदयू प्रखंड अध्यक्ष आशीष पटेल, मुखिया किरण पटेल, रामनारायण पटेल, पूनम पटेल सहित 80 मतदाता पहुंचे, जिनका मतदाता सूची से नाम गायब था. इससे पीठासीन पदाधिकारी ने इनलोगों को मतदान करने नहीं दिया. इससे नाराज होकर सभी ने केंद्र के आगे हंगामा शुरू कर दिया.
ईवीएम ने किया परेशान, अधिकारी हुए हलकान
भभुआ कार्यालय. रविवार की सुबह भभुआ विधानसभ में उपचुनाव का मतदान शुरू होने से पहले ही भभुआ प्रखंड में चारों तरफ से इवीएम में खराबी की सूचनाएं आने लगीं. हालत यह हो गयी कि डीएम राजेश्वर प्रसाद सिंह स्वयं मतदान शुरू होने से पहले समाहरणालय स्थित सभागार में बने कंट्रोल रूम में आकर बैठ गये और जहां-जहां से इवीएम खराबी की सूचनाएं आती रहीं, वहां इंजीनियर को भेज मतदान शुरू कराते रहे. लगभग नौ बजे तक इवीएम खराबी को लेकर अफरातफरी की स्थिति बनी रही. स्थिति यह रही कि सुबह के 10 बजे तक ही रिजर्व में रखे गये सभी 98 वीवीपैट मशीन समाप्त हो गये. फिर सभी बूथों पर मतदान शुरू नहीं हो सका. 20 बूथ ऐसे रहे, जहां वीवीपैट मशीन बदलने के बावजूद मतदान शुरू नहीं कराया जा सका.
भभुआ शहर में ही पांच जगहों पर इवीएम खराब होने के कारण नहीं हो सका मतदान : भभुआ शहर में ही पांच ऐसे बूथ रहे, जहां इवीएम को ठीक नहीं किया जा सका और इवीएम ठीक नहीं होने के कारण वहां मतदान नहीं हो सका. शहर में जिन जगहों पर मतदान नहीं हो सका, उसमें बूथ संख्या 113 वार्ड नंबर 19 पूर्वी भाग, बूथ संख्या 120 सिंचाई कॉलोनी वार्ड नंबर छह, बूथ संख्या 130 क सामुदायिक भवन वार्ड नंबर 14 दक्षिणी भाग, बूथ संख्या 133 वार्ड नंबर 23 पश्चिमी भाग एवं बूथ संख्या 134 कन्या मध्य विद्यालय भभुआ वार्ड नंबर 25 शामिल है.
