बिहार : ट्रेन हादसा रोकने वाले युवाओं को जब डीएम ने दिया सम्मान

जहानाबाद : ‘प्रभात खबर’ की कोशिशों को सराहते हुए डीएम आलोक रंजन घोष ने कहा कि साहस को सलाम करने का जज्बा होना चाहिए. अखबार की पहल सराहनीय रही. सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दे तो अखबार उठाता ही है, लेकिन ट्रेन हादसा टालने वाले तीन युवकों को सम्मानित कर अखबार ने एक नेक पहल किया […]

जहानाबाद : ‘प्रभात खबर’ की कोशिशों को सराहते हुए डीएम आलोक रंजन घोष ने कहा कि साहस को सलाम करने का जज्बा होना चाहिए. अखबार की पहल सराहनीय रही. सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दे तो अखबार उठाता ही है, लेकिन ट्रेन हादसा टालने वाले तीन युवकों को सम्मानित कर अखबार ने एक नेक पहल किया है.
शुक्रवार को अपने चैंबर में तीनों युवकों को सम्मानित करते हुए डीएम ने तारीफ की. घटना के बारे में पूरी जानकारी जुटायी, युवकों की आर्थिक स्थिति और लक्ष्य को पूछा. वहीं, बच्चों ने सरकारी नौकरी में जाने की इच्छा जतायी. जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने की नसीहत देते हुए डीएम ने कहा कि अच्छे इंसान के साथ कर्मयोगी होना जरूरी है.
उन्होंने अग्रिम शुभकामना देते हुए कहा कि अगर आप समाज के लिए बेहतर करेंगे तो समाज भी आपको सम्मान देगा. आपने बेहतर कर्म किया, इस वजह से लोग आपको सम्मान दे रहे हैं. सम्मान, सम्मान होता है, इसे आप स्वीकार करें. आगे भी जो मदद बन पड़ेगा, जिला प्रशासन करता रहेगा. सम्मान पाने वालों में प्रमोद, नीरज और शशि शामिल हैं.
क्या था मामला
टूटा था बिजली का तार
टी-शर्ट दिखा युवाओं ने रुकवायी थी ट्रेन
जहानाबाद. गुड़ियारीपर गांव निवासी तीन युवकों के साहसिक प्रयास ने बुधवार की शाम ट्रेन हादसे को टालते हुए हजारों लोगों की जान बचायी थी. ट्रेन (53213) अप पैसेंजर पटना से गया जा रही थी.
कनौदी के पास ओवरहेड तार का एंगल टूट कर ट्रैक पर लटका था. तभी इन युवाओं ने लाल टी-शर्ट लहराते हुए ट्रेन को रोक बड़ा हादसा को टाल दिया था. गांव के समीप कालेज मैदान में क्रिकेट खेलने जा रहे युवकों की नजर टूटे हुए तार पर गयी थी. सभी लोग सशंकित थे कि अगर कोई ट्रेन आ गयी तो बड़ा हादसा हो जायेगा, तभी इन युवकों ने ट्रेन का हॉर्न सुनकर साहस दिखाते हुए पटरी पर लाल टी-शर्ट लहराते हुए दौड़ लगा दी. इशारों को भांप ट्रेन ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगायी और विद्युत स्टैंड को भी नीचे कर दिया.
कॉलेज ने लिया गोद
बच्चों के कारनामे से खुश मां कमला चंद्रिका जी टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के सचिव डॉ संजय कुमार ने कहा कि अखबार की पहल हमें भी कुछ करने की प्रेरणा जगा दिया. ये गरीब बच्चे सम्मान के हकदार हैं. समाज के हर तबके का फर्ज है कि ऐसे बच्चों के साहस को सलाम करे. उन्होंने कहा कि मैं अपनी ओर से इन बच्चों का आईटीआई कॉलेज में नि:शुल्क पढ़ाई का जिम्मा लेता हूं. ये जब चाहें संपर्क करें और कोर्स को पूरा करें.
गुरियारीपर गांव के घर-घर में छाया रहा प्रभात खबर
तीनों साहसी युवकों को गुरुवार की दोपहर प्रभात खबर की टीम ने उनके घर में जाकर प्रशंसापत्र, स्मृति चिह्न, चांदी के सिक्के और नकद देकर सम्मानित किया था. इस सम्मान समारोह में गांव वालों की भी जोरदार उपस्थिति थी. लोग कल्पना भी नहीं कर पा रहे थे कि अखबार द्वारा सम्मान भी मिलता है.
शायद इसकी झलक देखने की बेचैनी गांव वालों में थी और अहले सुबह से ही गुरियारीपर गांव के घर-घर में छा गया प्रभात खबर. हर हाथ में अखबार और बस एक ही चर्चा, तीन सपूतों ने गांव को सुर्खियों में ला दिया. उनकी चर्चा और अखबारों में तस्वीर देखने की ललक हर किसी को थी. गांव में जैसे उत्सवी माहौल था.

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