जहानाबाद नगर : 20 वर्ष पूर्व हुए हत्या के प्रयास मामले में शुक्रवार को सुनवाई पूरा करने के बाद फास्ट ट्रैक वन रामविनोद सिंह के न्यायालय ने दिलीप ठाकुर को भादवि की धारा 307 के तहत पांच साल का सश्रम कारावास एवं तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. वहीं भादवि की धारा 504 एवं 448 में क्रमश: एक साल एवं छह माह का साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा. वहीं अर्थदंड की राशि नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा.
अपर लोक अभियोजक देवनंदन प्रसाद सिंह यादव ने बताया कि इस मामले में नगर थाना क्षेत्र के ठाकुरबाड़ी नाई टोला निवासी शिवकुमार ठाकुर ने दिलीप ठाकुर, संतोष ठाकुर, मदन ठाकुर, सविता देवी, रीता देवी, किरण देवी समेत नौ लोगों को नामजद कर प्राथमिकी दर्ज थी. प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि एक फरवरी 1998 को पूरे परिवार के साथ घर पर था. उसी समय दिलीप ठाकुर, संतोष ठाकुर, बैजनाथ ठाकुर, मदन ठाकुर घर में घुसकर गाली-गलौज कर घर से निकलने को कहा.
जब विरोध किया तो मेरे चेहरे पर तेजाब छिड़क दिया, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया. इस दौरान गोवर्धन की बेटी रीता देवी, सविता देवी, किरण देवी ने मिलकर लाठी व लात-मुक्का से उसके पिता राजेंद्र ठाकुर एवं मामी तारामणि को गर्भवती अवस्था में पीटकर जख्मी कर दिया. इस मामले में अभियोजन की ओर से 13 गवाह पेश किये गये थे. न्यायालय ने सुनवाई पूरी कर दिलीप ठाकुर को सजा सुनायी.
