वक्फ संशोधन कानून संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला : बाबू साहब सिंह
भाकपा माले व इंसाफ मंच के सदस्यों ने दिया धरना
जमुई. वक्फ संशोधन कानून को रद्द करने की मांग को लेकर भाकपा माले और इंसाफ मंच के संयुक्त आह्वान पर शनिवार को मुख्यालय स्थित कचहरी के समीप डॉ भीमराव आंबेडकर प्रतिमा स्थल के समक्ष धरना प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गये पर्यटकों को एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गयी. धरना की अध्यक्षता इंसाफ मंच के जिला संयोजक मो सलीम अंसारी ने की, जबकि संचालन मो हैदर ने किया. सलीम अंसारी ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून पूरी तरह असंवैधानिक है और इससे मुस्लिम समुदाय के धार्मिक अधिकारों का हनन हो रहा है. वहीं, भाकपा माले नेता बाबू साहब सिंह ने कानून को मुस्लिम समुदाय की धार्मिक और सामाजिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया. उन्होंने कहा कि सच्चर कमेटी की रिपोर्ट ने वक्फ संस्थाओं को कल्याणकारी गतिविधियों में संलग्न बताया था और इन्हें मजबूत बनाने की सिफारिश की थी. इसके उलट मोदी सरकार का यह संशोधन मुस्लिमों को उनके संसाधनों से वंचित करने की साजिश है. कार्यक्रम को मनोज कुमार पांडेय, अजीम अंसारी, मुनव्वर अंसारी, इजरेल अंसारी, ब्रह्मदेव ठाकुर, संजय अनुरागी, संजय रॉय, मतला मरांडी, प्रदीप मंडल, किरण गुप्ता, संगीत देवी, बुधन हैंब्रम, खूबलाल राणा आदि ने भी संबोधित किया और कानून को वापस लेने की मांग की.
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