अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी की बैठक में बंदियों के मामलों की समीक्षा, पात्र कैदियों को मिलेगी कानूनी सहायता

जमुई में जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी की बैठक आयोजित की. इसमें विचाराधीन कैदियों के मामलों की समीक्षा कर, अधिवक्ता की कमी झेल रहे बंदियों को तत्काल जमानत याचिका दाखिल कराने और नि:शुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए. इसका उद्देश्य जेलों में भीड़ कम करना और जरूरतमंदों को न्याय दिलाना है.

Jamui News : जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में बुधवार शाम अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी (यूटीआरसी) की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार संदीप सिंह ने की. बैठक में डीएम श्री नवीन, एसपी विश्वजीत दयाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मंजूश्री कुमारी, मंडल कारा अधीक्षक संजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

जमानत याचिका दाखिल कराने के दिए निर्देश

बैठक में जेल में बंद विचाराधीन कैदियों के मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई. इस दौरान ऐसे बंदियों की पहचान की गई, जो अधिवक्ता के अभाव में अब तक न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सके हैं. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ताओं को निर्देश दिया कि वे ऐसे मामलों की प्रभावी पैरवी करते हुए संबंधित बंदियों की जमानत याचिका शीघ्र दाखिल कराएं.

जेलों में भीड़ कम करना समिति का उद्देश्य

बैठक में बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी का मुख्य उद्देश्य जेलों में भीड़ कम करना तथा पात्र विचाराधीन कैदियों को समय पर कानूनी सहायता और जमानत उपलब्ध कराना है. समिति प्रत्येक तीन महीने में बैठक कर बंदियों के मामलों की समीक्षा करती है.

पात्र बंदियों को मिलेगी नि:शुल्क विधिक सहायता

समिति ऐसे विचाराधीन कैदियों की पहचान करती है, जिन्होंने संभावित अधिकतम सजा की आधी अवधि जेल में पूरी कर ली है. इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर और अधिवक्ता से वंचित बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है. जमानती मामलों में केवल बेल बॉन्ड या जमानतदार के अभाव में जेल में बंद कैदियों की रिहाई के लिए भी आवश्यक पहल की जाती है.

जरूरतमंद बंदियों को मिलेगा न्याय

जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मंजूश्री कुमारी ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जरूरतमंद एवं बेसहारा बंदियों को नि:शुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. इसके लिए योग्य अधिवक्ताओं की सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि किसी भी पात्र बंदी को न्याय पाने में आर्थिक या कानूनी बाधा का सामना न करना पड़े.


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लेखक के बारे में

पंकज कुमार सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के जमुई कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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