रसोइया को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन

बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ के राज्यव्यापी आह्वान पर गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित आंबेडकर चौक पर सैकड़ों की संख्या में रसोइया ने अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया.

जमुई. बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ के राज्यव्यापी आह्वान पर गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित आंबेडकर चौक पर सैकड़ों की संख्या में रसोइया ने अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी रसोइयों की मुख्य मांग उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, मानदेय में वृद्धि कर 10,000 रुपये प्रतिमाह करने तथा पूरे 12 महीने भुगतान सुनिश्चित करने की रही. धरना की अध्यक्षता जिला सचिव मो हैदर ने की. सबसे पहले उपस्थित लोगो द्वारा पहलगांव आतंकी हमले में मारे गये पर्यटकों को श्रद्धांजलि दी गयी. धरने को संबोधित करते हुए भाकपा माले नेता बाबू साहब सिंह ने कहा बिहार की डबल इंजन सरकार महिला सशक्तिकरण की बात तो करती है, लेकिन सरकारी विद्यालयों में काम कर रही लाखों महिलाओं को मात्र 1650 रुपये प्रतिमाह वो भी सिर्फ 10 महीने देना महिला श्रम का खुला शोषण है. उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि हवाई घोषणाएं बंद करें और रसोइयों को सरकारी कर्मी का दर्जा दें, नहीं तो आगामी विधानसभा चुनाव में जनता हिसाब लेगी. जिला अध्यक्ष दीपमाला ने केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हर साल की तरह इस बार भी बजट में रसोइयों के मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गयी. वहीं ऐक्टू प्रभारी बासुदेव रॉय ने मध्याह्न भोजन योजना के तेजी से निजीकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार के 29 जिलों के 11,000 स्कूलों में एनजीओ के जरिये भोजन की आपूर्ति की जा रही है. इससे गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और आये दिन खाने में छिपकली, सांप और अन्य चीजें मिलने की खबरें सामने आ रही हैं. उन्होंने खगड़िया की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां जांच में पाया गया कि एनजीओ द्वारा दिये जा रहे भोजन से घेघा रोग हो सकता है, बावजूद इसके उस एनजीओ का लाइसेंस रिन्यू कर दिया गया. मौके पर ब्रमदेव ठाकुर, नितेश्वर आजाद, इंदु देवी, मधुमती सिन्हा, रीना देवी, सरीता देवी, निर्मला देवी, पानो देवी, फुलकुमारी देवी, दामोदर पासवान, राजेंद्र यादव समेत दर्जनों रसोइयों ने भाग लिया. सभा के अंत में सभी ने आगामी 20 मई की राष्ट्रीय आम हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया. जिसे संघर्षरत जनता का साझा आंदोलन बताया गया.

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By Pankaj kumar singh

पंकज कुमार सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के जमुई कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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