आंबेडकर समग्र विकास विशेष शिविर में नहीं दिखी सरकारी तंत्र की गंभीरता

शादी समारोह के कुर्सी-टेबल पर टिकी रही समग्र विकास शिविर की व्यवस्था

बरहट. अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग के उत्थान के लिए राज्य सरकार की ओर से चलायी जा रही महत्वाकांक्षी योजनाएं ज़मीनी स्तर पर उदासीनता का शिकार होती नजर आ रही हैं. इसका ताजा उदाहरण शनिवार को बरहट प्रखंड के नूमर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या छह स्थित जावातरी गांव में आयोजित अंबेडकर समग्र सेवा अभियान के तहत लगे विशेष शिविर में देखने को मिला. शिविर का आयोजन तो किया गया, पर सरकारी तंत्र की तैयारी और गंभीरता नदारद रही. शिविर स्थल पर किसी प्रकार की मूलभूत व्यवस्था नहीं थी. टेंट, कुर्सी, टेबल आदि के अभाव में सुबह करीब नौ बजे तक सरकारी कर्मी गांव में भटकते रहे. अंततः ग्रामीणों के सहयोग से एक शादी समारोह से कुर्सी-टेबल मंगवाकर सामुदायिक भवन में व्यवस्था की गयी, तब जाकर शिविर शुरू हो सका.

अधिकतर कर्मी रहे अनुपस्थित, नहीं लगाया गया था बैनर-पोस्टर

शिविर में कुल 22 कर्मियों की तैनाती की गयी थी, लेकिन एक तिहाई से भी कम कर्मचारी उपस्थित थे. कुछ कर्मी निर्धारित समय से पहले ही शिविर छोड़कर चले गये. आपूर्ति विभाग, आइसीडीएस, मनरेगा, स्वास्थ्य, बिजली जैसे विभागों की केवल टेबल नजर आयी, लेकिन उन पर योजनाओं की जानकारी देने वाले कोई स्टॉल, बैनर या पोस्टर नहीं लगाये गये थे.

जन समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने दिये आवेदन

हालांकि शिविर में दर्जनों ग्रामीणों ने सड़क, नली-गली, राशन कार्ड, पेयजल, पेंशन, आवास, स्वास्थ्य आदि से संबंधित समस्याओं को लेकर आवेदन सौंपे. कुछ मामलों पर तत्काल कार्रवाई की गयी. वहीं अन्य आवेदनों को संबंधित विभागों को अग्रेषित किया गया.

नोडल पदाधिकारी ने मानी व्यवस्थागत कमी

शिविर में मौजूद आपूर्ति पदाधिकारी व नोडल पदाधिकारी निधि कुमारी ने बताया कि शिविर निर्धारित समय पर शुरू किया गया, लेकिन व्यवस्थाओं में कुछ कमी रहने के कारण प्रारंभ में परेशानी हुई. वहीं वार्ड सदस्य संतोष कुमार दास ने बताया कि शिविर की तैयारियां पूरी तरह खानापूर्ति तक सीमित रही.

पांच पंचायतों में लगे थे शिविर

डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर सरकार द्वारा शुरू किये गये इस अभियान के प्रथम चरण के तहत प्रखंड के पांडो, नूमर, लखैय, बरहट एवं मलयपुर पंचायतों के महादलित टोला में समग्र सेवा शिविर लगाये गये. शिविर का उद्देश्य एससी-एसटी वर्ग के लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी व लाभ उपलब्ध कराना था.

कहते हैं जिलाधिकारी

डीएम अभिलाषा शर्मा ने बताया कि सभी पंचायतों में समग्र सेवा शिविर लगाये गये थे और विभाग वार कर्मियों की नियुक्ति की गयी थी. यदि शिविर में कर्मी अनुपस्थित रहे हैं, तो इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जायेगी.

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By Pankaj kumar singh

पंकज कुमार सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के जमुई कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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