गिद्धौर . थाने से महज दस-बीस मीटर की दूरी पर स्थित अवकाश प्राप्त सिविल सर्जन डॉ विजयेंद्र सत्यार्थी के आवास पर गणतंत्र दिवस की अहले सुबह अपराधियों ने परिवार के सभी सदस्यों को हथियार के बल पर अपने कब्जे में लेकर लूटपाट की. जानकारी के अनुसार, बीते सोमवार अहले सुबह पांच-छह संख्या में हथियारबंद अपराधियों ने डॉ सत्यार्थी के आवास के मुख्य गेट का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया. इसके बाद अपराधियों ने हथियार के बल पर डॉ सत्यार्थी, उनकी पत्नी पुष्पम कुमारी सिन्हा, पुत्र डॉ विक्रम कुमार सत्यार्थी को अपने कब्जे में लेकर लूटपाट की. घटना के बाद अपराधियों ने चिकित्सक सहित उनके परिवार को बेहोशी का इंजेक्शन देकर फरार हो गया. घटना की जानकारी सुबह करीब आठ बजे तब सामने आयी जब डॉ विक्रम कुमार को होश आया और उन्होंने फोन कर इसकी सूचना अपने पड़ोसी व अन्य परिजनों दी. सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री सह विधायक दामोदर रावत भी उनके घर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लेते हुए पुलिस पदाधिकारी को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया. घटना के बाद पुलिस तत्काल चिकित्सक के आवास को घेर लिया और आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगाते हुए बेहोशी की हालत में रहे चिकित्सक परिवार को अस्पताल में भर्ती कराया. फिलहाल तीनों की स्थिति सामान्य है. पीड़ित डॉ विक्रम कुमार सत्यार्थी ने पुलिस के समक्ष बताया कि अपराधियों ने हथियार दिखाकर लाखों रुपये आभूषण व नकद लूट लिये. वहीं डॉ सत्यार्थी की पत्नी पुष्पम कुमारी सिन्हा ने बताया कि वारदात के दौरान अपराधी हत्या करने की धमकी दे रहे थे. घटना को लेकर गिद्धौर क्षेत्र में दहशत का माहौल है. लोग थाने से इतनी नजदीक हुई वारदात को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं. हालांकि मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी विश्वजीत दयाल ने गिद्धौर थानाध्यक्ष दीनानाथ सिंह को निलंबित कर दिया है. घटना के संदर्भ में पुलिस ने अबतक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है.
पुलिस इस मामले को लेकर गंभीरता से काम कर रही है. चिकित्सक व उनके परिवार के सदस्य इलाज के बाद ठीक हैं. एसडीओ सतीश सुमन के नेतृत्व में अंचल निरीक्षक संजय कुमार, बरहट थानाध्यक्ष संजीव कुमार, तकनीकी सेल, एफएसएल टीम सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है. वैज्ञानिक तकनीकों की मदद से भी जांच-पड़ताल की जा रही है.
