जमुई . बिहार सरकार के सात निश्चय के तीसरे चरण के तहत सातवां निश्चय सबका सम्मान, जीवन आसान के अंतर्गत आम लोगों की समस्याओं और शिकायतों का शीघ्र निराकरण किया जायेगा. यह बात जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कही. उन्होंने कहा कि आमजन से प्राप्त शिकायतों का 15 दिनों के भीतर निपटारा करने का हरसंभव प्रयास किया जायेगा. डीएम ने बताया कि सरकार के निर्णय के अनुसार प्रत्येक सप्ताह दो कार्य दिवस सोमवार एवं शुक्रवार को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल तथा जिला स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में आम लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें संबंधित पदाधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे. इन दोनों निर्धारित दिनों में सभी पदाधिकारी अपने कार्यालय कक्ष में उपस्थित रहकर लोगों से सम्मानपूर्वक मिलेंगे और उनकी बातों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर त्वरित समाधान का प्रयास करेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी अपरिहार्य कारणवश संबंधित पदाधिकारी उपस्थित नहीं रहते हैं तो उनके द्वारा अधिकृत पदाधिकारी लोगों से मिलेंगे. वहीं जिन पदाधिकारियों के पास एक से अधिक कार्यालयों या विभागों का प्रभार है, वे सोमवार अथवा शुक्रवार को सुविधानुसार समय निर्धारित कर सभी कार्यालयों में उपस्थित होकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे. डीएम ने कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था के साथ पेयजल, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेगी. प्राप्त शिकायतों का पंजी संधारण किया जायेगा तथा उनके सतत अनुश्रवण की भी व्यवस्था सुनिश्चित होगी. यह व्यवस्था 19 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी. मौके पर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने कहा कि पुलिस को प्राप्त शिकायतों के लिए कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं है, लेकिन थाना, अनुमंडल अथवा एसपी स्तर पर आने वाली सभी शिकायतों का पंजी संधारित किया जायेगा. इनकी नियमित समीक्षा और निरीक्षण कर समस्याओं के शीघ्र समाधान का प्रयास किया जायेगा. राजस्व मामलों को लेकर डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है. उन्होंने बताया कि जमुई जिले में आरएस सर्वे नहीं होने के कारण 1910 के कागजात ही प्रचलन में हैं, जिससे राजस्व संबंधी समस्याएं अधिक हैं. इन समस्याओं के समाधान के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि भूमि मापी के लिए अभियान चलाया जाएगा, जिसमें 14 दिनों के भीतर मापी कराने पर 500 तथा 7 दिनों में मापी कराने पर 1000 शुल्क निर्धारित किया गया है. डीएम ने यह भी बताया कि यदि गलत जमाबंदी पाई जाती है तो उसे 45 दिनों के भीतर रद्द किया जायेगा. साथ ही सरकारी भूमि को चिन्हित कर उसे अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई भी की जायेगी. प्रशासन के इस कदम से आम जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है.
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