जमुई में कोचिंग से घर लौट रहे निजी शिक्षक की सड़क हादसे में मौत
Jamui Road Accident News : छात्रों को पढ़ाकर घर लौट रहे युवा शिक्षक की जिंदगी सड़क पर थम गई. आंजन नदी पुल के समीप बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. इकलौते बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
जमुई से अर्जुन अरनव की रिपोर्ट
Jamui News : जमुई-मलयपुर मुख्य मार्ग पर रविवार देर रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 28 वर्षीय निजी शिक्षक की मौत हो गई. हादसा आंजन नदी पुल के समीप हुआ, जहां तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई. दुर्घटना में शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद परिवार, छात्रों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई है.
कोचिंग से लौटते समय हुआ हादसा
मृतक की पहचान मलयपुर थाना क्षेत्र के शिवाला टोला निवासी सोनू कुमार (28 वर्ष), पिता अरुण सिंह, के रूप में हुई है. बताया जाता है कि सोनू कुमार जमुई स्थित एचीवर क्लासेस में निजी शिक्षक के रूप में कार्यरत थे और छात्रों को पढ़ाकर रविवार देर रात अपने घर लौट रहे थे.
आंजन नदी पुल के पास अनियंत्रित हुई बाइक
जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच सोनू कुमार बाइक से घर जा रहे थे. इसी दौरान जमुई-मलयपुर मुख्य मार्ग पर आंजन नदी पुल के समीप उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई. इससे पहले कि वह वाहन पर नियंत्रण कर पाते, बाइक सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई.
टक्कर इतनी भीषण कि मौके पर ही चली गई जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक की रफ्तार काफी तेज थी. पेड़ से टक्कर इतनी जोरदार थी कि सोनू कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई. हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए.
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. पुलिस ने मृतक की पहचान कर परिजनों को घटना की सूचना दी. सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे, जहां का दृश्य बेहद भावुक और हृदयविदारक था.
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव
पुलिस टीम द्वारा देर रात शव को अस्पताल लाया गया. सोमवार सुबह आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और फिर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया.
इकलौते बेटे की मौत से टूट गया परिवार
परिजनों ने बताया कि सोनू कुमार अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे. परिवार में एक भाई और दो बहनें हैं. बेटे की असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है. घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
छात्रों और परिचितों में भी शोक की लहर
सोनू कुमार एक मेहनती और लोकप्रिय शिक्षक के रूप में जाने जाते थे. उनकी असामयिक मौत की खबर मिलते ही छात्रों, सहकर्मियों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई. कई लोगों ने इसे शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया.
एक हादसे ने छीन लिए कई सपने
एक साधारण दिन की तरह कोचिंग से घर लौट रहे युवा शिक्षक को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि यह उनकी जिंदगी का आखिरी सफर होगा. सड़क दुर्घटना ने न सिर्फ एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि कई छात्रों के मार्गदर्शक और समाज के एक होनहार युवा को भी हमेशा के लिए उनसे दूर कर दिया.