सरकारी कार्यालयों की लचर कार्य संस्कृति बनी जनता की परेशानी का कारण

धिकारी और कर्मचारी दोनों ही कार्यालय से गायब थे.

बरहट. समय परिवर्तन और प्रशासनिक सुधार के दावों के बावजूद सरकारी कार्यालयों की कार्य संस्कृति में कोई ठोस बदलाव नजर नहीं आ रहा है. बरहट प्रखंड स्थित आपूर्ति कार्यालय में बुधवार को इसका जीता-जागता उदाहरण देखने को मिला. जहां आफिस खुलने के निर्धारित समय के बाद भी कार्यालय का मुख्य द्वार बंद रहा और पदाधिकारी नदारद थे. बुधवार को सुबह 11:31 बजे जब क्षेत्र के लोग अपना राशन कार्ड से संबंधित समस्याओं के समाधान को लेकर आपूर्ति कार्यालय पहुंचे तो वहां ताला लटका हुआ था और अधिकारी और कर्मचारी दोनों ही कार्यालय से गायब थे. जिससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा. मलयपुर निवासी रामजी राव ने बताया एक घंटे से हम लोग कार्यालय के बाहर इंतजार कर रहे हैं. पोते-पोती के राशन कार्ड में नाम सुधार कराना था लेकिन कार्यालय बंद रहने से बिना कार्य कराये ही वापस लौटना पड़ेगा. बरहट निवासी सुजीत कुमार ने कहा हमने राशन कार्ड में नाम सुधार को लेकर ऑनलाइन आवेदन किया था पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. ऑफिस आये तो देख रहे हैं कि बंद है. जमुनियाटांड़ गांव से आये मोहन मांझी ने कहा कि राशन कार्ड बनवाने को लेकर काफी दूर से आये हैं. लेकिन कार्यालय बंद है जिससे काफी परेशानी हो रही है. इसके अलावा अन्य कई लोग थे जो कार्यालय बंद रहने के कारण परेशानी महसूस कर रहे थे.

कहते हैं पदाधिकारी

इस संबंध में आपूर्ति पदाधिकारी निधि कुमारी ने बताया कि विभागीय कार्यवश अनुमंडल कार्यालय गई हुई थीं. साथ कहा कि अगले दिन कार्यालय में कार्य सुचारू रूप से किया जायेगा.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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