पीएम किसान व राशन कार्ड की पात्रता को लेकर कृषि व आपूर्ति विभाग आमने-सामने
आपूर्ति विभाग की ओर से बीते सप्ताह प्रखंड के 3,890 राशन कार्डधारियों की संदिग्ध सूची सार्वजनिक किये जाने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है.
शशि लाल, बरहट
आपूर्ति विभाग की ओर से बीते सप्ताह प्रखंड के 3,890 राशन कार्डधारियों की संदिग्ध सूची सार्वजनिक किये जाने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. सूची जारी होते ही जहां प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गयी है, वहीं जमीनी हकीकत इससे अलग तस्वीर पेश कर रही है. संदिग्ध सूची में नाम आने के बाद सैकड़ों गरीब परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि कहीं उनका राशन कार्ड रद्द न कर दिया जाये. क्योंकि उनके पास आवासीय भूमि के अतिरिक्त जमीन बहुत कम है और घर में कमाने वाले भी नहीं है. वहीं विभाग का कहना है कि सूची में वे लाभार्थी शामिल हैं, जिनके पास ढाई एकड़ से अधिक भूमि है, या जो आयकर दाता हैं. यह तथ्य विभागीय सर्वे के दौरान सामने आया है. हालांकि इसी मुद्दे पर कृषि विभाग व आपूर्ति विभाग के बयानों में विरोधाभास भी सामने आ रहा है. कृषि विभाग के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि किसी किसान के पास आवासीय भूमि के अलावा 20 डिसमिल भी उपजाऊ जमीन है, तो वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने का पात्र है. वहीं आपूर्ति विभाग का तर्क है कि जो किसान पीएम किसान योजना का लाभ ले रहे हैं और पर्याप्त भूमि रखते हैं, उन्हें राशन कार्ड की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए.किसे मिलता है पीएम किसान योजना लाभ
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है. इसके तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. यह राशि तीन समान किस्तों में डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है. योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलता है, जिनके नाम पर कृषि योग्य भूमि दर्ज है और जिनका ई-केवाईसी पूरा है. आयकर दाता सरकारी सेवक एवं अन्य अपात्र श्रेणी के लोग इस योजना के दायरे में नहीं आते.किन लोगों को मिलता है राशन कार्ड का लाभ
आपूर्ति विभाग के अनुसार, राशन कार्ड योजना सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी व्यवस्था है. जिसके तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से पात्र परिवारों को अनाज उपलब्ध कराया जाता है. योजना का उद्देश्य गरीब, जरूरतमंद और मध्यम वर्गीय परिवारों को कम दर पर अथवा निःशुल्क अनाज उपलब्ध कराना है. राशन कार्ड के आधार पर प्रति व्यक्ति निर्धारित मात्रा में चावल व गेहूं दिया जाता है. योजना का लाभ अंत्योदय, प्राथमिकता एवं सामान्य श्रेणी के कार्डधारियों को मिलता है. जबकि आयकर दाता, सरकारी कर्मचारी व संपन्न परिवार इसके पात्र नहीं हैं. इसी आधार पर पीएम किसान योजना के लाभार्थियों और आयकर दाताओं की पहचान के बाद संदिग्ध सूची जारी की गयी है.पीएम किसान योजना से उजागर हुई बड़ी गड़बड़ी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 1 फरवरी 2019 को किसानों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से की गयी थी. लेकिन विभाग को अब इस योजना के कई लाभुक संदिग्ध् लग रहे हैं. कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार, शुरुआती दौर में जमीन का रकबा बढ़ा-चढ़ाकर दर्ज किया गया. एक ही रसीद और वंशावली पर कई लोगों के नाम से आवेदन भर दिये गये और नियमों को ताक पर रखकर लाभ उठाया गया. अब सरकार की सख्ती के बाद जांच में गलत तरीके से योजना का लाभ लेने वाले लोग बेनकाब हो रहे हैं.पांच महीने में सिर्फ 1,796 प्रखंड के किसान रजिस्टर्ड
कृषि विभाग के अनुसार, बरहट प्रखंड में वर्तमान में 15,763 किसान पीएम किसान योजना का लाभ ले रहे हैं. लेकिन पिछले पांच महीनों में मात्र 1,796 किसानों ने ही फार्मर रजिस्ट्रेशन कराया है. इसकी मुख्य वजह यह है कि अब रजिस्ट्रेशन पूरी तरह सख्त दस्तावेजों के आधार पर किया जा रहा है. जमीन के वैध कागजात, खाता-खसरा, जमाबंदी, आधार और नाम-स्पेलिंग का पूर्ण मिलान अनिवार्य कर दिया गया है. सबसे अहम बदलाव यह है कि अब एक रसीद पर परिवार के कई सदस्यों को लाभ नहीं मिलेगा. केवल उसी व्यक्ति को योजना का लाभ मिलेगा, जिसके नाम पर जमीन और वैध दस्तावेज होंगे. इसी सख्ती के कारण फर्जी दस्तावेजों पर लाभ लेने वाले किसान अब रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे हैं.संदिग्ध सूची से परेशान गरीब परिवार
लखैय पंचायत के भंदरा गांव निवासी गुंजरी देवी, पति स्व. नागेश्वर रविदास ने बताया कि उनके पास मात्र 20 डिसमिल जमीन है, जबकि संदिग्ध सूची में उनके नाम पर एक एकड़ से अधिक भूमि दर्शायी गयी है. उन्होंने आशंका जतायी कि इस गलत जानकारी के आधार पर उनका राशन कार्ड रद्द किया जा सकता है. इस संबंध में उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन दिया है.
नुमर पंचायत के वार्ड संख्या 2, कोल्हुआ केवाल निवासी पूसो देवी, पति संजय यादव ने बताया कि उनके पास सिर्फ दो बीघा जमीन है. संदिग्ध राशन कार्ड सूची में नाम आने के बाद वे भयभीत हैं, क्योंकि परिवार का कोई अन्य कमाऊ सदस्य नहीं है.लखैय पंचायत वार्ड संख्या 14 की सरिता देवी, पति स्व बांकेलाल ने बताया कि उनके पास केवल 6.30 डिसमिल जमीन है, जबकि सूची में ढाई एकड़ दर्शाया गया है. कच्चे मकान में रहने वाली सरिता देवी का कहना है कि अगर राशन कार्ड कट गया तो परिवार का भरण-पोषण असंभव हो जायेगा.
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी ब्रजेश कुमार ने बताया कि पीएम किसान योजना का लाभ उन्हीं किसानों को दिया जाता है जिनके पास आवासीय भूमि के अलावा उपजाऊ कृषि भूमि है. कुछ लोग गलत तरीके से योजना का लाभ ले रहे थे. ऐसे मामलों की पहचान के लिए फार्मर आइडी बनायी जा रही है. समुचित दस्तावेज नहीं देने वालों को योजना से बाहर कर दिया जायेगा.क्या कहते हैं अनुमंडल पदाधिकारी
इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी सौरव कुमार ने कहा कि सर्वे में यह तथ्य सामने आया है कि कुछ आयकर दाता और पर्याप्त भूमि वाले लोग भी राशन कार्ड योजना का लाभ ले रहे हैं. ऐसे मामलों की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
