पहले भी दो बार प्रखंड प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा चुका है, दोनों बार प्रस्ताव सफल नहीं चकाई. प्रखंड प्रमुख उर्मिला देवी के खिलाफ एक बार फिर अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है. शुक्रवार को दिनभर प्रखंड मुख्यालय में इसे लेकर राजनीतिक सरगर्मी बनी रही. पंचायत समिति सदस्य मालती देवी के नेतृत्व में 14 पंचायत समिति सदस्यों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन प्रखंड प्रमुख उर्मिला देवी तथा बीडीओ मनीष आनंद को सौंपते हुए अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक बुलाने की मांग की. आवेदन पर मनोज मुर्मू, सुधीर पासवान, नवीन लाल चौड़े, अशोक रजक, दिवाकर चौधरी, नसीहा खातून, नवीन चंद्र, सूर्य मुनि सोरेन, चिंता देवी, प्रियंका देवी और मालती देवी समेत कुल 14 सदस्यों के हस्ताक्षर बताये गये हैं. हालांकि, आवेदन देने के समय मौके पर करीब 10 पंचायत समिति सदस्य ही मौजूद थे. इस दौरान प्रमुख कार्यालय में प्रमुख समर्थक भी बड़ी संख्या में जुटे रहे. अब देखना होगा कि राजनीतिक समीकरणों में माहिर माने जाने वाला प्रमुख खेमा इस अविश्वास प्रस्ताव को लेकर क्या रणनीति बनाता है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी दो बार प्रखंड प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा चुका है, लेकिन दोनों बार प्रस्ताव सफल नहीं हो पाया और उर्मिला देवी अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रही थीं. इधर प्रखंड प्रमुख उर्मिला देवी ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कुछ पंचायत समिति सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर प्रखंड में चल रही विकास योजनाओं को प्रभावित करने की साजिश रची जा रही है. उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशों को सफल नहीं होने दिया जायेगा. अविश्वास प्रस्ताव के आवेदन में सदस्यों ने प्रमुख पर पंचायत समिति की नियमित बैठक नहीं बुलाने, पंचायत समिति मद में आवंटित राशि के उपयोग में मनमानी करने, राशि के बंदरबांट, प्रमुख द्वारा गठित स्थायी समिति की बैठक नहीं कराने तथा विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण बैठक नहीं बुलाने जैसे आरोप लगाये हैं. साथ ही अविश्वास प्रस्ताव पर शीघ्र बैठक बुलाने की मांग की गयी है. इस संबंध में बीडीओ मनीष आनंद ने बताया कि 14 पंचायत समिति सदस्यों द्वारा प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर आवेदन दिया गया है. आवेदन के आलोक में वरीय पदाधिकारियों से विचार-विमर्श कर आगे की कार्रवाई की जायेगी.
तीसरी बार प्रखंड प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 28 में 14 सदस्यों ने दिया आवेदन
प्रखंड प्रमुख उर्मिला देवी के खिलाफ एक बार फिर अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है. शुक्रवार को दिनभर प्रखंड मुख्यालय में इसे लेकर राजनीतिक सरगर्मी बनी रही.
